‘केजरीवाल को बताया- सीएम सीएम है, एलजी नहीं’

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    दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार और केंद्र के बीच अधिकारों की लड़ाई पर अपना फैसला सुनाया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कोर्ट ने कहा है कि, एलजी यानी उपराज्यपाल ही दिल्ली के प्रशासक हैं और दिल्ली सरकार उनकी मर्जी के बिना कानून नहीं बना सकती. 239 AA दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का विशेष दर्जा देता है. कोर्ट के मुताबिक, एलजी केजरीवाल सरकार की सलाह मानने को बाध्य नहीं हैं. केंद्र के नोटिफिकेशन सही हैं और केजरीवाल सरकार के कमेटी बनाने संबंधी निर्णय अवैध हैं.

    दिल्ली हाईकोर्ट के इस फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और ये ट्विटर पर Delhi HC से ट्रेंड करने लगा.

    यशवंत देशमुख ने ट्वीट किया, “केजरीवाल जी इतिहास में पहले मुख्यमंत्री हो गए हैं जिन्हें कोर्ट ने बताया है कि सीएम का मतलब मुख्यमंत्री होता है लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं.”

    केजरीवाल के पूर्व सहयोगी योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, “दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले का सबक है: आप शासन की व्याकरण को जाने बगैर शासन नहीं कर सकते.”

    एक यूजर नितिन सिन्हा ने ट्वीट किया, “दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले के अनुसार, एलजी दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख है जो केंद्र सरकार के इशारे पर चलता है. तो फिर चुनाव कराने का क्या मतलब?”

    एक और यूजर सचिन त्यागी ने लिखा, “मैं माननीय हाईकोर्ट से पूछना चाहता हूँ कि दिल्ली की जनता के प्रति कौन जवाबदेह है? केंद्र सरकार, एलजी या कोई कोर्ट?”

    भाजपा के भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया, “अब जब दिल्ली ने संविधान के प्रति केजरीवाल सरकार पर फ़ैसला दिया है, उम्मीद है कि उन्हें सदबुद्धि आएगी और नौटंकी बंद होगी.”

    एक यूजर महेंद्र सिंह राणा ने लिखा, “दिल्ली हाईकोर्ट को घोषणा करनी चाहिए कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव जुमला थे और दिल्ली का असली मुख्यमंत्री मोदी की कठपुतली एलजी हैं.”

    हैंडल ‏@Sumitkrsharma ने लिखा है, “शुक्र है केजरीवाल विपासना में हैं और बोल या ट्वीट नहीं कर सकते. नहीं तो अब तक वो दिल्ली हाईकोर्ट को मोदी का एजेंट घोषित कर चुके होते!”

    हैंडल ‏@JaiveerShergill ने ट्वीट किया है, “हम जल्द ही केजरीवाल को हाईकोर्ट के बाहर धरना देते हुए पाएंगे!!”

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