कांग्रेसी विधायक अकालियों की तरह झूठे पर्चे करवाने बंद करे-पचांयत यूनियन

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    मोनिका शर्मा, माहिलपुर -अकाली नेताओं की तरह सरपंचों एंव पंचों पर किये जा रहे झूठे पर्चे कारन ही उनकी हार हुई थी एंव अब कांग्रेस के नेताओं ने भी लोगों दृारा चुने हुए सरपंचो एंव पंचों को झूठे केसों में फसाना शूरू कर दिया है जिस को कभी भी सहन नहीं किया जायेगा। यह विचार पंचायत यूनियन के प्रधान बाल किशन अग्रिहोत्री ने आज माहिलपुर में सरपंचों एंव पंचों की हुई मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रक्ट किये। मीलिंग को संबोधित करते हुए श्री बाल किश्न अग्रिहोत्री ने कहा कि ब्लाक माहिलपुर के गांव भाम के एक पंच को कांग्रेसी विधायक डा राज कुमार ने राजनीतिक रंजिश के तहत झूठे केस में फंसाया है। उन्होने कहा कि चब्बेवाल पुलिस खुद मानती है कि भाम वाले इस केस में शामिल लोगों में सभी दोषी नहीं है जिन को पडताल के बाद निर्दोश करार दे दिया जायेगा। गांव भाम के सरपंच जसविंदर सिंह ने दोष लगाया कि उन के पंच को अकाली होने की सजा मिल रही है जबरिक चुनाव के बाद लगातार उन को कांग्रेस में शामिल होने के लिए दबाब डाला जा रहा था। उन्होने कहा कि सरपंच यूनियन इस का पूर्ण विरोध करती है एंव सत्ताधारी पार्टी के किसी भी नेता दृारा की जा रही ज्यादतीयों का डट कर मुकाबला करने के लिए तैयार है। उन्होने चेतावनी दी कि अगर पंच पर दर्ज मामाले को रद्द ना किया तो यूनयिन विधायक राज कुमार के विरोध में सढकों पर आ जायेगी।इस अवसर पर जसविंदर सिंह, मनजीत सिंह लंगेरी, जसवीर सिंह सरदुल्लापुर, शमिंदर सिंह पथराला, सुखविंदर कौर कहारपुर, सुखविंदर सिंह मुज्गोवाल, नरंजण सिंह, इकबाल सिंह ढक्कों, मनजीत सिंह, गुरदीप सिंह, गुरनाम सिंह, हरिंदर सिंह दोहलरों, मनजीत सिंह भाम स्मेत भारी तादाद में सरपंच पंच भी हाजिर थे। इस सबंध में विधायक राज कुमार ने बताया कि यह मामला अदालत के हुकमों से दर्ज हुआ है। यह मामला एक वर्ष पहले का है। उस समय अकाली भाजपा सरकार थी। उन्होने सपष्ट किया कि वह अदलती कामों में दखल अंदाजी नहीं करते। उन्होने कहा कि अकाली भाजपा सरकार के समय में और भी कई घपले है जिन में सरपंचों एंव पंचों को लपेटा जा सकता है। उन्होने कहा कि वह घटिया राजनीति नहीं करते एंव ना ही पुलिस एंल पंचायती कामों में दखल देते है।

    यह मामला अदालत के हुकमों से हुआ-डा राज कुमार
    रैस्ट हाउस माहिलपुर में मीटिंग दौरान सरपंच एंव पंच।
    छाया किरन अग्रिहोत्री

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