उधार के ड्राइवरों से काम चला रहा है फायर ब्रिगेड, 3365 वर्ग कि.मी. इलाके में केवल 4 फायर टैंडर

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    JANGATHA TIMES : होशियारपुर : जिला होशियारपुर में जिला मुख्यालय के अलावा 4 सब-डिवीजनों व करीब 1417 गांवों में आग बुझाने की सेवाओं के लिए मात्र 4 फायर टैंडर ही उपलब्ध हैं। करीब 3365 वर्ग कि.मी. के रकबे में फैले जिला होशियारपुर, जिसकी आबादी करीब 15 लाख को टच कर चुकी है, के लिए शायद फायर ब्रिगेड का साजो-सामान नाकाफी है। प्रतिनिधि द्वारा फायर ब्रिगेड का हाल जानने के लिए जब तहकीकात की गई तो हैरतअंगेज तथ्य सामने आए। नगर निगम होशियारपुर के अंतर्गत चल रहे जिला के एकमात्र फायर ब्रिगेड में 2 लीडिंग फायरमैन की पोस्टें हैं, जो कि खाली पड़ी हैं। फायरमैन की 11 पोस्टें हैं, इनमें से 2 कम हैं। सब-फायर अफसरों के 7 पद हैं, इनमें भी 3 खाली पड़े हैं। स्टेशन अफसर की 1 पोस्ट है, वह भी खाली पड़ी है। खास बात है कि निगम के 4 बड़े फायर टैंडरों, 1 मिनी गाड़ी व 1 फायर जीप को चलाने के लिए ड्राइवरों के 4 पद हैं, यह तमाम खाली पड़े हैं। फायर ब्रिगेड के पास तंग गलियों में अग्निशमन सेवा देने के लिए 2 बुलेट मोटरसाइकिल भी मौजूद हैं। तहकीकात करने पर मालूम पड़ा कि 16 मुलाजिम ठेके पर भर्ती किए गए हैं जिनमें से 5 ड्राइवरों की सेवा व 11 फायरमैन की सेवा प्रदान कर रहे हैं।

    2 साल पहले टांडा को फायर टैंडर मिला लेकिन ड्राइवर नसीब नहीं
    जिला के महत्वपूर्ण कस्बे टांडा की नगर परिषद को करीब 2 साल पहले 1 फायर टैंडर नसीब हुआ था। जिला योजना कमेटी के पूर्व चेयर३मैन व प्रमुख भाजपा नेता जवाहर लाल खुराना के अनुसार वह अपने कस्बे को फायर टैंडर दिलाने में तो कामयाब हुए लेकिन विडम्बना है कि आज तक इस फायर टैंडर के लिए ड्राइवर नसीब नहीं हो सका। परिणामस्वरू प यह गाड़ी 2 साल से गैरेज में पड़ी धूल चाट रही है।

    बेनामी फोन कॉल्स सबसे बड़ी समस्या
    फायर ब्रिगेड कार्यालय के लैंडलाइन फोन पर दिनभर सैंकड़ों बेनामी कॉल्स आती हैं, जो बेवजह मुलाजिमों को उलझाए रखती हैं। यहां तक कि फोन करने वाले अज्ञात लोग गाली-गलौच करने से भी गुरेज नहीं करते। फायर कर्मियों का कहना है कि वे लंबे अर्से से पुलिस विभाग में कार्रवाई के लिए दुहाई दे रहे हैं लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। बेनामी फोन कॉल्स में उलझने से आग लगने की किसी बड़ी घटना की सूचना मिलने में देरी हो सकती है, जिसका बड़ा खमियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।

    क्या कहते हैं मेयर
    संपर्क करने पर मेयर शिव सूद ने माना कि फायर ब्रिगेड के पास मुलाजिमों की कमी है। उनका कहना है कि व्यवस्था को सही तरह से चलाने के लिए नगर निगम द्वारा आवश्यकता के अनुसार अपने तौर पर कांट्रैक्ट पर मुलाजिम रखे गए हैं। सारा अमला बाखूबी अपनी सेवाएं निभा रहा है। समय-समय पर मुलाजिमों की कमी को लेकर स्थानीय निकाय विभाग को लिखा जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही नगर निगम को 2 फायर टैंडर मिलने की उम्मीद है।

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