आरटीआई खुलासा पंजाब सरकार का खजाना खाली -करोड़ों रुपयों के बिल पैडिंग – परविंदर कित्तना

    0
    34

    – माहिलपुर , शिव कुमार बावा
    पंजाब सरकार की तरफ से अपने खजाने की हालात मजबूत होने के दावे झूठे साबत हुए हैं इसका खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट परविंदर सिंह कितना ने सूचना अधिकार एक्ट तहत जानकारी प्राप्त कर असल हालात सामने ला दिए है। परविंदर सिंह कितना ने बताया के उसने आरटीआई तहत पंजाब सरकार के खजाने की असलीयत का सच्च सामने लाने के लिए पंजाब सरकार से सूचना मांगी गई सुचना में 31 मार्च 2015 और 31 जनवरी 2016 से पहले भुगतान के लिए खजाने में आए बकाया बिल्का की गिनती और बनती कुल राशी की जानकारी मांगी और यह भी पुछा था के खजाना ऑफिसों में आए सभी बिल्का के भुगतान क्रमवार किये गए हैं या पहल के आधार पर भी किये जातें हैं और किये गए हैं ..? यह सभी जानकारी मांगी गई थी 7
    डायरेक्टर खजाना और लेखा विभाग पंजाब सरकार की ओर से आरटीआई तहत दी गई जानकारी में बहुत सारा सच्च छुपाया गया है, बहुत से जिलों के खजाना ऑफिसरों ने अधूरी जानकारी दी और कुछ ने जानकारी देने से मुँह मोड़ा हैं । कित्तना ने बताया कि हासिल की गई जानकारी में पता चलता है कि करोड़ों रूपए के पुराने बिल खजाना ऑफिसों में बिना भुगतान के पड़े हुए है । जिला होशियारपुर के खजाना अफसर के मुताबिक यहाँ 2010 से 2016 तक 15 करोड़ 45 लाख के बिल बकाया पड़े है इसी तरह जिला लुधियाना में 1 -4 -2015 से 31 -3 -2016 तक सिर्फ एक वीटी साल में 16 करोड़ 96 लाख रुपए , संगरूर में 23 करोड़ 57 लाख से ज्यादा राशी के बिल अपने भुगतान का ऑफिस में पड़ी फाइल में इंतजार कर रहें है।
    इसी तरह तरनतारन में खजाना अफसर ने 14करोड़ 16 लाख रुपए की राशी रोकी हुई है। मुक्तसर साहिब में 440 बिलों की 4 करोड़ 17 लाख का भुगतान रुका हुआ हैं । जिला फतेहगढ़ साहिब में 3 करोड़ राशी का बकाया हैं जबकि शहीद भगत सिंह नगर में एक अप्रैल 2015 से 10 मई 2016 तक 5 करोड़ 95 लाख के बिल्लों का भुगतान होना बाकी है। फरीदकोट में 3 करोड़ ,रूपनगर में 3 करोड़ 47 लाख के बिल पास ही नहीं हुए । यहाँ अलग अलग अदारों की मासिक वेतन के 6697 बिल 31 -12 -2015 से पहले के पहुंचे हुए हैं जिनकी राशी 2 करोड़ 6 लाख का भुगतान अजय तक नहीं किया गया । मोगा जिले में 402 बिलस का भुगतान 31 -01 -2016 तक बकाया था जिसकी राशी 4 करोड़ 88 लाख से ज्यादा बनती है ।
    कित्तना ने बताया के यह करोड़ों रुपए की राशी 31 जनवरी 2016 से पहले की है जिसमे अब हो रहे लाखों रुपए की बढ़ोतरी से इंकार नहीं किया जा सकता । उन्होंने कहा के पंजाब सरकार ने 4 फरवरी 2009 को एक पत्र जारी कर कहा था के साधारण हालातों में खजाने में आए हर एक बिल का भुगतान चार दिन में किया जाएगा और साथ ही लिख दिया था के सरकार कुछ बिलस का भुगतान पहल के आधार पर करने का फैसला ले सकती है ऐसे हालात में चार दिन की शर्त लागू नहीं होगी । सरकार की इस दौहरी नीती से साफ पता चलता हैं कि $खजाने की हालत साधारण नहीं रही । कित्तना ने बताया कि सरकार की तरफ से जिन बिलों का भुगतान पहल के आधार पर करने को खजाना ऑफिसरों को पत्र लिखा उनमे पंजाब सरकार के कर्मचारियों का मासिक वेतन , पेंशन , रिटायरमैंट के लाभ ,बुढापा पेंशन आदि शामिल थी । इन बिलोंं का भुगतान नहीं हो पा रहा और यह लोग हर दिन सरकार का धरने भी करते हैं लेकिन सरकार इनकी कोई परवाह किये बगैर अपने खजाने को मजबूत बता सूबे के गरीब लोगों को गुमराह कर रही है।
    इस बारे पंजाब के वित्त विभाग 2740119 पर फ़ोन कर बात की गई तो किसी अफसर ने अपना नाम ना बताया और कहा कि आरटीआई से आपकी तसली नहीं हुई ? जो जानकारी आप चाहते हैं उसके बारे सरकार ही बता सकती हैं । खजाने में कोई कमी नहीं है, क्रमवार अनुसार ही सभी बिल का भुगतान होता है और जो बिल बकाया पड़े है उनका भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा ।
    इस बारे पूर्व वित्तमंत्री और कॉंग्रेसी नेता मनप्रीत सिंह बादल का कहना था कि पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और उसका पिता बातों से ही कड़ाह बाँध रहें है। सूबे का खजाना भरा होता तो उनको सरकार का विरूद्ध करने की कोई जरूरत नहीं थी । खजाना भरा होता तो इतने बिलों का भुगतान रुका ना होता । यह सच्चाई है कि बहुत सी जानकारी दी नहीं गई सच्च तो इससे बहुत बड़ा है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here