आखिर नरबलि के संदेह की गुत्थी सुलझी।

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    मोनिका शर्मा, माहिलपुर- कुछ दिन पहले होशियारपुर जिले के गांव भाम में हिमाचल प्रदेश नम्बर की कार और उसमें रो रहे बच्चे को गांव की शमशान घाट में लेकर घूम रहे संदेहास्पद व्यक्तियों को लेकर गांव के लोगों के मन में बनी नरबलि के संदेह को गांव के सरपंच और चब्बेवाल पुलिस ने मिलकर दूर किया।
    गांव की पंचायत और जसवंत नम्बरदार श्रवण सिंह और सूबेदार सुखदेव सिंह के प्रयासों से गांव भाम के समूह वासियों की तरफ से चब्बेवाल पुलिस को दी शिकायत को देखते हुए गांव के युवक गुरदीप @दीपा पुत्र लेहम्बर को अपने साथी हिमाचल प्रदेश वासी धर्मपाल पुत्र गुरदास वासी अजनोली थाना उन्ना को पेश करना ही पड़ा।
    गांव भाम की पंचायत में सभी सन्देहास्पद व्यक्तियों और उक्त बच्चे की कुशलता और पहचान जानने संबधी गांव के लोगों उत्सुक थे।
    भाम वासियों ने बच्चे को सकुशल देख राहत की सांस ली।
    दीपे ने बताया कि धर्मपाल से उसकी जानपहचान 16-17 साल पहले हिमाचल प्रदेश के एक मशहूर धार्मिक डेरे पर हुई थी तभी से दोनों एकदूसरे के संपर्क में है। घटना वाले दिन धर्मपाल उसके यहाँ उसका माथा टेकवाने आया था।
    मुझे पता होता तो बेटे को ना लेकर आता……
    धर्मपाल ने कहा कि उसे नही पता था कि दीपा उसे अपने साथ लेकर शमशान घाट जाएगा अगर  उसे पता होता तो बच्चे के लेकर नहीं आता।
    गुरदीप @ दीपे ने माना कि आगे से ऐसे काम नहीं करेगा……
    इस सारे मामले में संदेहास्पद भूमिका निभा रहे दीपे ने पंचायत के सामने माना कि वह आगे से तांत्रिक कार्य नही करेगा ।
    मामला अभी भी संदेहास्पद…….
    यू तो मामला सुलझ गया है पर कुछ प्रशन छोड़ गया है कि आखिर दिहाड़ी पर काम करने वाला धर्मपाल ऊना से किराये की कार लेकर मात्र प्रसाद खाने जा चढ़ाने के लिए ही आया होगा।
    बच्चे को सकुशल देख लोगो को खुशी……..
    जसवंत और नम्बरदार श्रवण सिंह ने बताया कि बच्चे को सकुशल देख कर गांव वाले खुश है । उन्होंने बताया कि हम लोगों से अपील करते हैं कि अंध्विश्वास के चलते रात को बच्चों को शमशान घाट जैसी जगहों पर न लाए।

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