अाखिर पानी में दौड़ ही पड़ी सुखबीर की बस

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    अाखिर पानी वाली बस चल ही पड़ी जिसे डिप्टी सी.एम. सुखबीर बादल ने रवाना किया। यही नहीं उन्होंने खुद भी बस का सफर किया। इस मौके उन्होंने कहा कि बस के रवाना होने से कांग्रेस तथा अाम अादमी पार्टी का मुंह बंद हो जाएगा।हरिके पत्तन में वाटर बस चलाने की घोषणा डिप्टी सी.एम. सुखबीर सिंह बादल ने पिछले वर्ष की थी। इस प्रोजैक्ट पर अब तक करीब नौ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इससे पहले दो दिन तक वाटर लेवल सही नहीं होने के कारण ट्रायल नहीं किया जा सका था। रविवार को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सभी विभागों ने वाटर बस को क्लीयरेंस दे दी।

    स्वीडिश कंपनी ने तैयार की है बस
    क्रूज नाम की वाटर बस को स्वीडिश कंपनी ने तैयार किया है, जबकि इसे असेंबल गोवा में किया गया। रविवार को वाटर बस का ट्रायल पूरा हुआ। फिरोजपुर के डी.सी. बलविंदर सिंह धालीवाल को स्थानीय अधिकारियों ने ट्रायल पूरा होने की सूचना दी। इसके पश्चात डी.सी. धालीवाल भी हरिके हेड वक्र्स पर पहुंच गए। ट्रायल के दौरान 32 मिनट तक क्रूज को हरिके पत्तन में चलाया गया।एक वाटर बस पर 6 करोड़ रुपए की लागत है। बस में 32 सैलानी, चालक व एक कमांडर के बैठने की व्यवस्था होने के साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी जीवन-रक्षक वस्तुओं का प्रबंध किया गया है।

    वाटर बस सेवा फिल्हाल अमृतसर से पर्यटन स्थल हरिके वेटलैंड तक 12.7 किलोमीटर लंबा सफर 45 मिनट में तय करेगी। उसके बाद पर्यटकों को लेकर बस चार किलोमीटर का सफर तय करेगी। वाटर बस हरिके हेडवर्क्स के पास स्थित गुरुद्वारा साहिब से शुरू होगी। अमृतसर से प्रति यात्री बस का किराया 2000 रुपए, जबकि हरीके पत्तन से केवल झील में घूमने का किराया 800 रुपए प्रति व्यक्ति तय किया गया है।

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