अज्ञान मृत्यु है- साध्वी नीति भारती

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    अज्ञान मृत्यु है- साध्वी नीति भारती
    होशियारपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के गौतम नगर आश्रम में प्रवचन करते हुए श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी नीति भारती जी ने कहा कि अज्ञान मृत्यु है। और ज्ञान जीवन है यदि जीवन अंधकारमय है और अज्ञान में बीतता है तो ऐसे जीवन का मूल्य कुछ नहीं है। उन्होनें कहा कि किसी की शारीरिक आवश्यकताओं के लिए सहायता करना महान कार्य है लेकिन जो मनुष्य पारमार्थिक ज्ञान देता है वह मानव समाज का सबसे बड़ा हितैषी है। हम इतिहास में देखते है कि जिन महान पुरूषों ने आध्यात्मिक सहायता की वे समाज के सच्चे हितैषी बने और उनको समाज याद ही नही बल्कि पूजता भी है। वस्न्न दान, भोजन दान बौद्धिक विकास में सहायता करना उच्च कर्म है ही ,पर सर्वश्रेष्ठ है आध्यात्मिक सहायता ।
    अंत मेे उन्होनें कहा कि केवल शारीरिक सहायता द्बारा संसार के दुखों से छुटकारा नहीं हो सकता जब तक मनुष्य का स्वभाव परिवर्तित नहीं हो जाता तब तक शारीरिक आवश्यताएं सदा बनी रहेंगी। भगवान श्री कृष्ण भी श्री गीता में माध्यम से अर्जुन क ो समझा रहे है कि इन्द्रियों से श्रेष्ठ बुद्ब्रि है और सर्वश्रेष्ठ है आत्मा । हमें भी आत्मा के जागरण का प्रयास करना होगा। हमें किसी तत्वदर्शी की सहायता प्राप्त करनी होगी। इसलिए समय रहते मनुष्य को आत्म कल्याण के लिए प्रयत्न की लेना चाहिये क्योंकि हमारे जीवन का उद्देश्य आत्म जागृति है।

     

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