अकाली नेता सरवण सिंह फिल्लौर पर NRI ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

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    • जालंधर : यू.के. से आए एन.आर.आई. निर्मल सिंह बाजवा ने आज यहां प्रैस कांफ्रंैस में अकाली दल (ब) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर तथा उनके बेटे दमनवीर सिंह पर उन्हें धोखे में रखकर एक मॉल बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने के आरोप लगाए हैं।

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए निर्मल सिंह ने बताया कि सरवण सिंह फिल्लौर से उनके 25 वर्ष पुराने पारिवारिक संबंध थे। फिल्लौर जब भी यू.के. आते तो उनके पास ही ठहरते थे। अक्सर फिल्लौर उनसे बातों ही बातों में दमनवीर के साथ बिजनैस में पैसे लगाने के लिए बात करते व कहते कि दमन को व्यापार की अच्छी समझ है । अगर आप दमन के साथ पैसे इन्वैस्ट करो तो बहुत फायदे में रहोगे।

    निर्मल सिंह ने बताया कि अगस्त 2004 में वह अपने बेटे की शादी के सिलसिले में पंजाब आए तो सरवण सिंह फिल्लौर व दमनवीर ने उन्हें एक land दिखाई व वहां जी.एम.पी.एल. स्टार सिटी नामक मॉल बनाने का प्रोजैक्ट दिखाया। प्रोजैक्ट में पैसे लगाने के लिए वह  सहमत हो गए और 2004 से 2007 तक कुल 3.5 करोड़ रुपए उन्होंने दमनवीर को दिए, जिसके सारे सबूत उनके पास हैं, पर 17 जुलाई 2007 को बलविंद्र सिंह सग्गू की शिकायत पर मॉल बंद करवा दिया गया। तब दमन ने प्रोजैक्ट के सारे डायरैक्टरों से कहा कि प्रोजैक्ट पूरा करने के लिए हमें 20 करोड़ रुपए लोन लेना होगा। इसके लिए सिडबी, एस.बी.आई. और पी.एन.बी. ने लोन देने के लिए हां की जिनमें से दमन ने डायरैक्टरों को बिना बताए 2.35 करोड़ रुपए खर्च कर लिए।

    उन्होंने बताया कि दमनवीर ने कंपनी बंद होने के  4 महीने बाद धोखे से झूठी स्वीट एक्विटी बनवाई और 2.63 करोड़ रुपए के शेयर अपने नाम करवा लिए और डायरैक्टरों व शेयर होल्डरों को धोखे में रखकर 10 रुपए वाला शेयर 100 रुपए में उन्हें बेच दिया, जबकि खुद बिना पैसे लगाए 10 रुपए के हिसाब से 2.63 करोड़ के शेयर अपने नाम करवा लिए। इसके बाद गलत तरीके से 18 मई 2010 को कंपनी की फर्जी स्वीट एक्विटी किसी प्रेम पाल को बेच दी व कंपनी के सारे एसैट्स भी प्रेम पाल के नाम ट्रांसफर कर दिए। उधर, बैंक कंपनी की प्रापर्टी नीलाम करने वाली थी, जिसे बचाने के लिए सारा बैंक कर्जा निर्मल सिंह, अमरजीत सिंह तूर व शमिंद्र सिंह धालीवाल ने उतारा।

    उन्होंने बताया कि सारे प्रोजैक्ट के नाम पर निर्मल सिंह से 4.50 करोड़ रुपए, अमरजीत तूर से 3.35 करोड़ रुपए, तीर्थ सिंह चाहल से 28 लाख रुपए व शमिंद्र सिंह से 1.25 करोड़ की ठगी की गई, जिसके लिए मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पंजाब को वे सारे मामले की विजीलैंस जांच करवाने के  लिए मांग पत्र भेज चुके हैं। इस मौके पर कुलदीप सिंह बाजवा, सुलक्खण सिंह व तीर्थ सिंह चाहल भी मौजूद थे। मामले बारे जब सरवण सिंह फिल्लौर से बात करने के लिए उन्हें फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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