अकाउंट विभाग ने उड़ाई अपने ही कानून की धज्जियां

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    होशियारपुर / सरकारी विभागों के वित्तिय लेखा जोखा देने वाले प्रिंसिपल अकाउंट जनरल(लेखा व हकदारी) कार्यालय खुद नियमों को नहीं मानता। यह नहीं कि इस बात से अकाउंट जनरल अनिभिज्ञ है बल्कि सब कुछ जानते हुए भी फाइनेंशियल्स रुल्स की धज्जियां उड़ाई जा रही है और नतीजा अधिकारियों व कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

    यह खुलासा किया है कि आरटीआई अवेयरनेस फोरम पंजाब के चेयरमैन राजीव वशिष्ठ ने। राजीव वशिष्ठ ने सूचना के अधिकार के अंतगर्त प्रिंसिपल अकाउंट जनरल कार्यालय से जानकारी मांगी थी कि प्रदेश में कितने डिविजनल अकाउंट अधिकारी है और इनमें से कितने मौजूदा समय में काम कर रहे है। कितने अकाउंट्स अधिकारियों के पास अपने कार्य के अलावा अतिरिक्त कार्यभार है और क्या इन्हें अतिरिक्त कार्य के लिए विभाग अलग से कुछ वित्तिय लाभ दे रहा है कि नहीं।
    विभाग ने मंडल लेखाकारों, अफसरों को अतिरिक्त पदभार को फाइनेंशियल रुल 49 के अधीन तो माना पर इन्हीं नियमों के अधीन अतिरिक्त भत्ता, वेतन देने पर चुप्पी साध गए। ऐसा कर विभाग फाइनेंशिलय रुल्स-49 के उल्लंघना कर रहा है।  राजीव वशिष्ठ को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में विभाग ने बताया कि पंजाब के लोक निर्माण विभाग के विभिन्न मंडलों में कुल 223 पोस्टों के विरुद्ध सिर्फ 112 रेगुलर मंडल लेखा अफसर, लेखाकार कार्यरत है तथा ट्रेनिंग अधिन कार्यरत 48 लेखाकार है जो कि प्रोवेशन में है। इन्होंने अभी तक विभागीय परीक्षा भी पास नहीं कि है।  इस तरह  अतिरिक्त पदभार से जहां एक तरफ अधिकारी शारीरिक, मानसिक तनाव झेलते है। वहां उनको नियमों अनुसार अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। महालेखाकार पंजाब का कार्यालय, कैग के अधीन है जो कि पूरे भारतवर्ष में अपनी आडिट रिपोर्टों के लिए जाना जाता है पर यह दफ्तर खुद नियमों के अधीन जब कार्य न करे तो इसकी शिकायत किस से की जाए।इस कार्यालय द्वारा विभागीय मंडल लेखाकारों, अफसरों को कई जगह दो अतिरिक्त वेतन के दिया जाना, कर्मचारियों, अधिकारियों के परिवारों में मानसिक परेशानी का कारण भी बन रहा है।

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