दिल्ली से भी जहरीली हुई कैथल की आबोहवा

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कैथल : दिल्‍ली के साथ-साथ हरियाणा के कैथल में प्रदूषण का खतरा जानलेवा बनता जा रहा है। हर रोज हवा प्रदूषित हो रही है। जहरीली होती इस हवा के कारण त्‍वचा से लेकर फेफड़ों, कान, आंख और नर्वस सिस्‍टम को नुकसान पहुंच सकता है।

पिछले कुछ दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर लगातार बढ़ रहा है। एक्यूआइ इतना बढ़ चुका है कि अब दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। मंगलवार को सुबह दस बजे दिल्ली का एक्यूआइ 280 दर्ज किया गया है जबकि कैथल का एक्सूआइ 302 पर पहुंच चुका है।

नौ जून को इंडेक्स का स्तर 194 था। दस जून को 321 पर पहुंच गया था। 11 जून को इंडेक्स का स्तर 337 तक पहुंच गया। 12 जून को 358 पर था। हालांकि 13 जून को इंडेक्स 253 रह गया था, लेकिन 14 जून को दोबारा से बढ़कर 302 पर पहुंच चुका है। लगातार इंडेक्स बढ़ने का कारण कुछ दिनों से चल रही हवा में उड़ने वाली धूल है। धूल के कण हवा के कारण ऊपर उड़ने लगते हैं और नीचे नहीं आते। ऐसे में इंडेक्स का स्तर बढ़ जाता है।

इसके अलावा सड़कों पर चलने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल और निर्माण कार्यों के पास उड़ने वाली धूल भी इंडेक्स बढ़ने का मुख्य कारण है। कुछ दिनों से कचरे का उठान नियमित ना होने से शहर के लोग भी कचरे के ढेर में आग लगा देते हैं। कचरे से निकलने वाला धुंआ भी इंडेक्स बढ़ने का कारण बनता है। बता दें कि इंडेक्स का स्तर बढ़ने से दमा और सांस के रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानी हेाती है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि हवा के कारण उड़ रही धूल के कारण इंडेक्स बढ़ रहा है। मंगलवार को सुबह के समय एक्यूआइ 302 पर पहुंच गया। निर्माण कार्य कर रहे लोगों को चाहिए कि वे निर्माण सामग्री को ढक कर रखें और पानी का छिड़काव करते रहें। कचरे के ढेर में आग नहीं लगानी चाहिए, ऐसा करना पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।

 

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