पठानकोट एयरबेस के अंदर मौजूद हैं आतंकी, फिर से कर सकते हैं बड़ा हमला

    0
    253
    Pathankot: Security personnel guarding at a position inside the Pathankot Air Force base after the end of the military operation against militants on Tuesday. PTI Photo (PTI1_5_2016_000201B)

    पठानकोट एयरबेस का दौरा करके आई संसदीय समिति ने वायुसेना के इस ठिकाने के अंदर आतंकवादियों के मौजूद होने की बात कहते हुए वहां दोबारा हमले की आशंका जताई है। गृह मंत्रालय से जुड़ी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष पी भट्टाचार्य ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘पठानकोट एयरबेस के दौरे में हमें ग्रामीणों से बातचीत तथा अन्य स्रोतों से पता लगा कि एयरबेस के अंदर आतंकवादी छिपे हुए हैं। वहां फिर आतंकवादी हमला होने की आशंका है।’ भट्टाचार्य ने कहा कि एयरबेस के अंदर आतंकवादी कैसे छिपे यह पता लगाना हमारा काम नहीं है।

    सांसद ने कहा कि पठानकोट से लौटने के बाद समिति ने सरकार को पठानकोट एयरबेस की स्थिति की सूचना दी। उसके बाद सरकार ने हाल ही में वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती करके सुरक्षा ग्रिड मजबूत किया है। उल्लेखनीय है कि दो जनवरी को पंजाब के पठानकोट स्थित पश्चिमी वायु सेना कमान के वायु ठिकाने पर आतंकवादी हमले में तीन सुरक्षा कर्मी शहीद हो गये थे तथा पांच आतंकवादी मारे गये थे। प्रेस कांफ्रेस में समिति के 13 में से 11 सदस्य मौजूद थे।

    भट्टाचार्य ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसाई को पठानकोट हमले की जांच के लिए बुलाए जाने पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बात समझ से परे है कि आईएसआई को यहां क्यों बुलाया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति बनाना सरकार का काम है। सांसद ने कहा कि सरकार को पाकिस्तान की ओर से सीमा के बिल्कुल करीब कंक्रीट के बंकर बनाए जाने का मुद्दा पड़ोसी मुल्क के समक्ष गंभीरता से उठाना चाहिए। उन्होंने सीमा पर अत्याधुनिक उपकरण तैनात करने की सख्त जरूरत बताई। सीमा पर घुसपैठ निरोधी तथा सुरक्षा के अन्य उपायों पर उन्होंने संतोष जताया।

    सांसद ने कहा कि समिति ने पाया कि केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवानों पर मानसिक दबाव है। वे 15-15 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी पदोन्नति तथा अधिकारियों के दबाव की भी समस्या है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के तत्काल हल के लिए समिति सरकार से एक आयोग गठित करने की सिफारिश करेगी। सांसद ने कहा कि जवानों में आत्महत्या की समस्या पर दिल्ली में सरकार के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया था और इसके लिए कई कदम भी उठाए गए थे। इस समस्या पर समिति और भी सुझाव देगी।

    कांग्रेस सांसद ने बताया कि सीमा के बाशिंदों तथा किसानों ने समिति के समक्ष चार मुख्य समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा जिन लोगों की जमीन ली गयी है उनमें से अधिकांश को मुआवजा नहीं मिला है जिन्हें मिला है उन्हें जमीन बेचने का अधिकार नहीं है। उन लोगों ने जमीन को बेचने का हक मांगा है। इसके अलावा सीमावर्ती इलाके के लोगों ने ऐबुलेंस और मेडिकल सुविधा की भी मांग रखी है। श्री भट्टाचार्य ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र ,पठानकोट और जम्मू का दौरा करने के बाद समिति अब कश्मीर का दौरा करेगी।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here