साइंस सिटी ने मनाया अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस

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कपूरथला : सभी स्त्रोत व सेवाएं जैविक विभिन्नता से ही मिलते है और धरती को सेहतमंद बनाने के लिए इनकी बहुत अहम भूिमका है। हालांकि हममें से बहुत से लोग जानबूझ कर जैविक विभिन्नता को नुक्सान नहीं पहुंचाते है। लेकिन बहुत सी कार्रवाही जैसे जंगलों की कटाई, जंगली जीवों के ठिकाणों पर कब्जे करने व उनके खात्में, साल में एक से अधिक फसलों को लेने की लालसा समेत मानव गतिविधियों के कारण जलवायु इतनी तेजी से बदल रहा है कि इसने कुदरत को भी पीछे छोड़ दिया है। खोज यह संकेत करती है कि विश्व की जीडीपी में वार्षिक 40 ट्रिलियन रुपए व एक करोड़ से अधिक नौकरियां जैविक विभिन्नता के क्षेत्र का योगदान है। इसलिए जैविक विभिन्नता के स्त्रोतों को बचाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने बहुत जरुरी है। यह बात सचिव विज्ञान टेक्नालोजी व पर्यावरण पंजाब राहुल तिवाड़ी ने पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस सबंधी शुरु की गई 22 दिवसीय 22 एक्शन मुहिम के समापन समारोह मौके करवाए गए वेबिनार दौरान कही।

साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीलिमा जेरथ ने बताया कि हर देश का अपने जैविक स्त्रोतों पर संप्रभुता संपन्न अधिकार है। इसलिए हम सभी का कर्त्तव्य व जिम्मेवारी बनती है कि जैविक विभिन्नता की संभाल के साथ-साथ इनसे होने वाले लाभ भी समान वितरण व स्थायी प्रयोग को यकीनी बनाया जाए। धरती को सेहतमंद रखने व आर्थिक मजबूती के लिए जैविक विभिन्नता की संभाल का संदेश फैलाने की बहुत जरुरत है। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस मनाने को लेकर तैयार किए प्रोग्राम अनुसार 1 मई से 22 मई तक 22 दिवसीय 22 कार्यों की शुरुआत मुहिम के अधीन गतिविधियों व वेबिनारों की श्रृंखला चलाई गई। यह मुहिम जैविक विभिन्नता को बचाने व धरती को सेहदमंद रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस मुहिम को इन दिनों दौरान काफी बढ़ावा मिला है। पजाब की बहुत सी विद्ययक संस्थाओं के विद्यार्थियों व अध्यापकों ने इस मुहिम दौरान करवाए गए कार्यों में भाग लिया। इस मुहिम तहत सभी प्रोग्राम व सरगर्मियां राष्ट्रीय जैविक विभिन्नता अथारिती भारत सरकार व वैस्ट सीड इंिडया प्राइवेट लिमटिड के सहयोग से करवाए जा रहे है।

साइंस सिटी की विज्ञानी डा.लवलीन बराड़ व शिक्षा सहायक कमलजीत कौर ने मुहिम दौरान किए गए कार्यों की रपोर्ट पेश की। इस मौके संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रोग्राम (यूएनईपी) की पर्यावरण सलाहकार गायत्री राघवा ने मुख्य प्रवक्ता के तौर पर शामल होते हुए कहा कि आज का दिन हमारे भोजन व सेहत को बनाए रखने के लिए जैविक विभिन्नता की संभाल प्रति जागरुक होने व काम करने का मौका देता है।

संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्रामों की स्थायी विकास के लक्ष्यों की कोआर्डीनेशन सेंटर से नविंदता माथुर ने जैविक विभिन्नता से सबंधित अलग-अलग लक्ष्यों व इसकी संभाल के लक्ष्यों की प्राप्ति कैसे की जा सकती है के बारे मे जानकारी दी। पंजाब जैविक विभिन्नता बोर्ड के प्रमुख विज्ञानी गुरहिरमिंदर सिंह ने बताया कि राज्य में जैविक विभिन्नता एक्ट 2002 को लागू करना बोर्ड की जिम्मेवारी है और जिला स्तर पर बनाई गई जैविक विभिन्नता प्रबंधक कमेटियां सराहनीय कार्य कर रही है।

खोज डायरेक्टर ईस्ट वैस्ट सीड्ज प्राइवेट लिमिटेड गरीश पाटिल ने बताया कि इस कंपनी का उद्देश्य वातावरण व जैविक विभिन्नता की रक्षा के लिए वचनबद्ध प्रोग्रामों को वित्तीय सहायता देना है। जोकि हर कारोबार को चलाने के लिए बहुत जरुरी है। इसके साथ जागरुकता, संभाल की जरुरत व धरती पर जीवन के असिस्तत्व के लिए बुनियादी महत्व के मुद्दे जैविकों की रक्षा का प्रबंध कर रहे है।

साइंस सिटी के डायरेक्टर डा.राजेश ग्रोवर ने कहा कि जैविक विभिन्नती की सुरक्षा व संभाल के लिए ठोस प्रबंध होने बहुत जरुरी है। बढ़ती हुई आबादी, ग्रीन हाऊस गैसों की निकासी में हो रही दिन ब दिन बढ़ौतरी व दुनिया के कई हिस्सों में पानी, भोजन की कमी व लकड़ी के बालन के प्रयोग कारण जैविक विभिन्नता का नुक्सान हो रहा है।
इस मौके पाइनर इंटरनेशनल स्कूल रुड़का कलां, कमला नेहरु पब्लिक स्कूल फगवाड़ा व डीएवी माडल हाई स्कूल कपूरथला को जैविक विभिन्नता की संभाल के लिए शुरु की गई मुहिम दौरान बढ़िया प्रदर्शन करने वाले स्कूल घोषित किए गए है। इसके साथ ही एसएमवी कालेज जालंधर, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोबिंदगढ़, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल टेरा, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गौहर, डीएवी एडवर्ड गंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलोट व मैपल इंटरनेशनल स्कूल गोराया को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। इस दौरान बच्चों के फोटोग्राफी, पोस्टर बनाने व ऊर्जा के ऑडिट मुकाबले करवाए गए। जिसमें विजेता रहे बच्चों को सम्मानित भी किया गया।

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