पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों से अर्थव्‍यवस्‍था में आई गिरावट: पुतिन

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मास्‍को: यूक्रेन और रूस के युद्ध को दो माह पूरे होने वाले हैं। इस दौरान जहां यूक्रेन को अरबों डालर का नुकसान झेलना पड़ा है वहीं रूस भी इससे पीछे नहीं रहा है। राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने बीते दो माह में पहली बार माना है कि युद्ध के चलते पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से देश की अर्थव्‍यवस्‍था को नुकसान पहुंचा है। उन्‍होंने माना कि इसकी वजह से अर्थव्‍यवस्‍था में गिरावट का दौर देखने को मिला है। हालांकि, राष्‍ट्रपति पुतिन ने ये भी माना है कि अब अर्थव्‍यवस्‍था दोबारा पटरी पर आने लगी है।

उनके मुताबिक युद्ध के बाद लगे प्रतिबंधों की वजह से देश की मुद्रा रूबल में जो गिरावट का दौर देखने को मिला था वो अब स्थिर है। ये अच्‍छा संकेत हैं। उन्‍होंने ये भी कहा है कि देश में रिटेल सेक्‍टर दोबारा पटरी पर लौट रहा है और बैंकों में नकद विदेशी मुद्रा वापस आ रही है। उन्‍होंने विरोधियों पर हमला करते हुए यहां तक कहा कि वो मैनवली मार्किट को आपरेट नहीं कर रहे हैं, बल्कि हालात बदल रहे हैं। उनके मुताबिक देश में महंगाई दर में भी स्थिरता देखी गई है। इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि आने वाला बजट देश की अर्थव्‍यवस्‍था को न सिर्फ सुधारेगा बल्कि लिक्विडिटी को भी मजबूती प्रदान करेगा। सेंट्रल बैंक के उठाए कदमों से भी देश की अर्थव्‍यवस्‍था में मजबूती आएगी।

युद्ध पोत डुबोए जाने के बाद बढ़े हमले

बता दें कि रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमले करना शुरू किया था। तब से लेकर अब तक इस युद्ध में कई बड़े मोड़ आ चुके हैं। रूस ने शुरुआत में हवाई हमलों से परहेज किया था, लेकिन बाद में उसने ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। बीते दिनों से हालात फिर बदले हैं। काला सागर में रूस के युद्धपोत के डुबोए जाने के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। कीव के आसपास जबरदस्‍त मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। मारीपोल पर जहां रूस अधिकतर इलाकों पर अपना कब्‍जा जमा चुका है वहीं खारकीव उसके नियंत्रण में हैं। रूस की सीमा से लगे लुहांस्‍क और डोनेत्‍स्‍क पर भी रूस का ही कब्‍जा है।

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