बढ़ती मंहगाई ने लोगों का जीना किया दूभर , आम आदमी को सरकार तत्काल दें राहत

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भगवंत सरकार का ग़रीब को रोटी की जगह सस्ती शराब का दावा एक भद्दा मजाक : एडवोकेट रंजीत कुमार

होशियारपुर ( तरसेम दीवाना ) बसपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट रंजीत कुमार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महंगाई का बढ़ा बोझ आम आदमी का जीना दूभर कर रहा है बढ़ती महंगाई किसी आपदा से कम नहीं। खराब आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और कोरोना महामारी का कहर आम आदमी को त्रस्त कर रहा है। सब्जियों, दालों, अनाज, खाद्य तेल, गैस और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से गरीबों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। सरसों तेल और रिफाइंड तेल की कीमतें पिछले एक साल में लगभग दोगुनी हो गई हैं। पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का भी यही हाल है। सब्जियों की कीमतें जो दैनिक आहार का मुख्य हिस्सा हैं की कीमतें आसमान को छू रही हैँ।जबकि लोगों की आय नहीं बढ़ रही है। बेरोजगारी जरूर बढ़ी है। मंहगाई के दबाव में मध्यम वर्ग को अपनी आमदनी के हिसाब से घर का बजट तय करने में मुश्किल हो रही है। लोग केवल आवश्यक खर्चों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और शिक्षा और उपचार की लागत को कवर करना मुश्किल हो रहा है और ना ही बचत की संभावना बची है। रेहरी ठेलों पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले छोटे दुकानदारों से लेकर रेस्टोरेंट और होटल व्यवसायी तक बढ़ती कीमतों के चलते अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हैं। मजदूर,रिक्शा, रेहढ़ी चलाने वाले गरीबों के लिए दो जून के रोटी बड़ी समस्या बन गय हैं और उनकी स्थिति दयनीय है। बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की जरूरत हैँ ।काला बाजारी पर लगाम लगाने के अलावा रोज मर्रा की जरुरी चीजों के उत्पादन और आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सत्ता के नशे में मदमस्त भगवंत मान सरकार को लोगों की बुरी स्थिति नहीं दिखाई दें रही। आम आदमी की आय बढ़ाने और आर्थिक मदद देने के प्रयास करने के बजाय सरकार शराब को सस्ता कर खजाना भरने की बात कर रही है, जो पूरी तरह से गलत और नाजायज है। भूखे पेट शराब से नहीं भर सकते। नशे से निजात दिलाने का वादा कर सत्ता में आई भगवंत सरकार नशा ख़तम करने और आम आदमी को राहत देने की बजाय शराब सस्ती कर क्या करना चाह रही हैँ? इस फैसले से ना नशे से निजात मिलेगी न ही भूखे पेट भरेंगे । भगवंत मान सरकार को तुरंत महंगाई पर ध्यान देना चाहिए और लोगों को राहत देनी चाहिए वरना हम लोकतांत्रिक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

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