इस गांव में नशे की ‘नो एंट्री’,

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जगराओं :  नशा तस्करों के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ये पहल रायकोट के पास पड़ते गांव रशीन के लोगों ने की है। अब अगर गांव में कोई नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है या देने भी आता है तो यहां के युवा उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर देते हैं। इससे गांव को सुरक्षा का कवच तो मिला ही है, साथ में युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने का प्रयास भी हो रहा है।

युवाओं ने ठीकरी पहरे लगाने शुरू किए

गांवों में पहले काला कच्छा गिरोह के आतंक से बचने के लिए ठीकरी पहरे लगाए जाते थे। इसी तर्ज पर यहां के युवाओं ने भी ठीकरी पहरे लगाने शुरू किए हैं। गांव में 9 वार्ड हैं और इन सभी में दो युवा यहां पर पहरा लगाते हैं। दिन को तीन शिफ्ट में बदला गया है और आठ-आठ घंटे के क्रम में ड्यूटी दी जाती है। इसके लिए एक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। अगर कहीं पर किसी तस्कर की सूचना मिलती है तो इस ग्रुप के जरिए या फिर फोन कर सभी को इकट्ठा कर लिया जाता है। गांव में आने वाले अज्ञात लोगों से भी पूछताछ की जाती है।

नशा करने वाले युवाओं की बढ़ रही थी संख्या

दरअसल, गांव रशीन में पिछले एक साल में नशा करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी थी। इसका कारण था कि दूसरे जिलों से आकर यहां नशा तस्कर बस गए थे। इस बड़ी समस्या को देखते हुए गांव की पंचायत ने सभा बुलाई और फैसला लिया कि यहां नशे की तस्करी नहीं होने दी जाएगी।

 

 

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