कमीशन फार एयर क्वालिटी ने 26 को बुलाई तीन राज्यों की बैठक

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चंडीगढ़: देश के राजधानी क्षेत्र को अक्टूबर महीने में गैस चैंबर बनने के संभावित खतरे से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले कुछ साल से अक्टूबर महीने में दिल्ली में स्माग जैसे हालात बन जाते हैैं और पराली का धुआं इसके कारकों में से एक है। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित कमीशन फार एयर क्वालिटी ने काम शुरू कर दिया है।

कमीशन के चेयरमैन डा. एमएम कुट्टी द्वारा प्रदूषण फैलाने वाले कारकों के समाधान के लिए कदम उठाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पराली निस्तारण के उपायों को लेकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग के प्रमुख सचिवों और साइंस एंड टेक्नोलाजी विभाग के प्रमुख सचिवों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 26 अप्रैल को दिल्ली में होगी।

सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि पराली जलाने के मामलों को कैसे कम किया जाए और पराली के निस्तारण के लिए क्या उपाय हो सकते हैं। पराली के खेत में ही निस्तारण करने के लिए ज्यादा से ज्यादा बायो डीकंपोजर बांटने पर जोर दिया जा सकता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की ओर से तैयार किया गया बायो डीकंपोजर पराली को 15 से 20 दिन में ही खेत में गला देता है।

 

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