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अब रुकेंगे रेल एक्‍सीडेंट, जान-माल का नहीं होगा नुकसान, रेल मंत्री ने बताई वजह:

अब रुकेंगे रेल एक्‍सीडेंट, जान-माल का नहीं होगा नुकसान, रेल मंत्री ने बताई वजह:

नई दिल्ली, जनगाथा टाइम्स: (सिमरन)

नई दिल्ली: देश में रेल एक्‍सीडेंट को रोकने की दिशा में अहम प्रगति हुई है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस सिलसिले में बताया कि अब ऐसे रेलवे कोच का निर्माण किया जा रहा है जिससे गंभीर नुकसान की संभावना बहुत कम हो जाएगी. इस सिलसिले में उन्‍होंने राज्‍यसभा में अपने भाषण का वीडियो शेयर कर इस बारे में जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि अब सरकार ऐसे रेलवे कोच बना रही है जोकि दुर्घटना होने की स्थिति में एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते. यानी एक कोच दूसरे से गड्डमड्ड नहीं होता. सबसे ज्‍यादा जान-माल का नुकसान इसी कारण होता रहा है. अब ऐसे कोच बनाना सरकार ने बंद कर दिया गया है.

पीयूष गोयल ने कहा कि दरअसल एलएचबी रेलवे कोच का सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतर होता है. लेकिन 2014 में मोदी सरकार के आने से पहले इस ओर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया गया. उन्‍होंने कांग्रेस के नेतृत्‍व वाली यूपीए-1 (2009-2014) सरकार का हवाला देते हुए बताया कि उन पांच वर्षों में महज 1,866 एलएचबी कोच बनाए गए. जबकि व्‍यापक पैमाने पर आईसीएफ़ कोच ही बनाए जाते रहे. जबकि एलएचबी कोच की खासियत होती है कि रेल एक्‍सीडेंट होने की स्थिति में ये वहीं अटक जाते हैं. एक कोच दूसरे पर नहीं चढ़ता. गड्डमड्ड की स्थिति नहीं बनती.

उन्‍होंने कहा कि 2014 में जब हम लोग सत्‍ता में आए तो पूछा कि जब एलएचबी कोच सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है तो आईसीएफ़ ही ज्‍यादातर क्‍यों बनाए जा रहे हैं? इस पर कोई जवाब नहीं दे सका. उसके बाद रेलवे ने 2014 से 2019 के बीच 9,932 एलएचबी कोच बनाए हैं और पिछले 2 वर्षों से रेलवे ने आईसीएफ़ कोच बनाना ही बंद कर दिया है. ये जो तकरीबन 10 हजार नए कोच बनाए गए हैं, ये सुरक्षा की हर दृष्टि से बेहतर हैं.

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