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आने वाली पीढिय़ों के लिए विरासत के लिए तंदुरुस्त वातावरण छोडऩा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी: प्रमुख सचिव जसपाल सिंह

आने वाली पीढिय़ों के लिए विरासत के लिए तंदुरुस्त वातावरण छोडऩा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी: प्रमुख सचिव जसपाल सिंह

होशियारपुर (रुपिंदर ) प्रमुख सचिव (योजना) पंजाब सरकार श्री जसपाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह विरासत में आने वाली पीढिय़ों के लिए तंदुरुस्त तथा साफ-सुथरा वातावरण छोड़ कर जाएं। वह आज जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स होशियारपुर में धान की पराली/अवशेष को आग लगाने के रूझान को रोकने के लिए की जा रही गतिविधियों का जायजा ले रहे थे। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती ईशा कालिया, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) श्री हरप्रीत सिंह सूदन भी मौजूद थे।
प्रमुख सचिव श्री जसपाल सिंह ने कहा कि वह समय था जब पानी की कोई दिक्कत नहीं थी, क्योंकि हमारे पूर्वज जायदाद के रूप में हमारे लिए सेहतमंद वातावरण छोडक़र गए थए, पर आज भूमि निचले पानी की हालत यह है कि बोतलबंद पानी पीना पड़ रहा है। इस गंभीर हो रही स्थिति के साथ निपटने के लिए एकजुटता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में विरासत के रूप में तंदुरुस्त वातावरण छोड़ कर जाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेवारी बनती है, ताकि साफ पानी, मिट्टी तथा हवा की कमी के साथ आने वाली पीढ़ी को जूझना न पड़े। उन्होंने कहा कि अगर, हम अपने आने वाली पीढिय़ों को स्वास्थ्यपूर्वक जीवन देना चाहते हैं, तो पराली/अवशेष को आग लगाने के रूझान को छोडऩा बहुत जरूरी है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि गांवों में ठेके पर दी जाने वाली पंचायती जमीन व धान न बीजने देने के लिए योजना तैयार की जाएगी। उन्होंमने इस संबंधी डी.डी.पी.ओ. को भी अपने स्तर व किसानों को जागरूक करने के लिए कहा, ताकि पंजायती जमीन और पराली को आग लगान ेके मामले सामने न आएं। उन्होंने नियुक्त किए नोडल अधिकारी तथा कोआर्डिनेटर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह गांवों का लगातार दौरा करें तथा निगरानी रखें, ताकि जो पराली को आग लगाने के रूझआन पर काबू पाया जा सके।उन्होंने कहा कि सुपर एस.एम.एस के बिना चल रही कंबाइनें तुरंत जब्त करवाई जाएं। उन्होंनेकहा कि बी.डी.पी.ओज़ को भी गंभीरता के साथ अपने अधीन पड़ते गांवों में जागरूकता फैलाने तथआ पराली को आग न लगाने के रूझान को खत्म करने के लिए प्रयत्न करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पराली/ व्यर्थ को आग न लगाने के लिए एक मुहिम बनाकर सरकारी अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अहम भूमिका अदा करें। उन्होंने पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से की जा रही गतिविधियों का जायजा लेते हुए हिदायत की कि पराली जलाने के मामले सामने आने पर नियमों मुताबिक भारी जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने खेतीबाड़ी विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को कस्टमर हायरिंग सैंटरों के बारे में जागरूक किया जाए ताकि जरूरतमंद किसान इन सैंटरों से धान की पराली/व्यर्थ का खेतों में ही प्रबंधन करने वाली मशीनें किराए पर हासिल कर सकें। उनहोंने विभाग को पानी बचाओ पैसे कमाओ योजना के बारे भी अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।
डिप्टी कमिशनर शअरीमती ईशा कालिया ने कहा कि जिले में 61 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। इन सैंटरों में 209 मशीनें 80 प्रतिशत सब्सिडी पर मुहैया करवाई गई हैं। इसके अलावा व्यक्तीगत तौर पर 30 मशीनें 50 फीसदी सब्सिडी पर मुहैया करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि गांव अनुसार 595 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो किसानों को आग लगाने से होने वाले मुसान से सतर्क करेंगे। इस के अलावा नोडल अधिकारियों की सहायता के लिए 20-20 गांवों के पीछे एक-एख कोआर्डिनेटिंग अधिकारी भी लगाए गए हैं, जिस मुताबिक जिले में कुल 32 कोआर्डिनेटर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि धान की पराली को खेतों में ही प्रबंधन करने के लिए किसान 20 अक्टूबर तक सब्सिडी पर खेती मशीनरी/उपकरण खरीद सकते हैं। इस अवसर पर खेतीबाड़ी विभाग, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के अलावा नोडल अधिकारी कोआर्डिनेटिंग अधिकारी तथा जागरूक किसान भी उपस्थित थे।

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