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अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में CM अमरिंदर सिंह हुए बरी, बोले-राजनीतिक द्वेष के कारण सहनी पड़ी प्रताड़ना

अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में CM अमरिंदर सिंह हुए बरी, बोले-राजनीतिक द्वेष के कारण सहनी पड़ी प्रताड़ना

जनगाथा / चंडीगढ़। मोहाली कोर्ट में चल रहे अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाला मामले में पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह को बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। उनके वकील रमदीप प्रताप सिंह का कहना है कि कोर्ट ने विजिलेंस की कैंसलेंशन रिपोर्ट को मंजूर कर लिया है। बता दें कि विजिलेंस ने 2008 में हुए अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में 15 आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। इस मामले में कुल 18 आरोपी थे, जिनमें से अमरिंदर सिंह भी एक थे, जबकि तीन की मौत हो चुकी है।

फैसला आने के बाद कोर्ट के बाहर मौजूद सीएम अमरिंदर सिंह का कहना है कि 10 साल के लंबे अंतराल में 500 बार केस की सुनवाई हुई। राजनीतिक द्वेष के कारण मुझे तो प्रताड़ना सहनी पड़ी ही लेकिन इससे सरकार का पैसा, कोर्ट का टाइम भी खराब हुआ। इस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए। विजिलेंस की रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए सीएम बोले कि विजिलेंस वही करती है जो सरकार उसे निर्देश देती है। पिछली बादल सरकार ने विजिलेंस को निर्देश दिए थे। इस वजह से उन्होंने ऐसी रिपोर्ट दी।

ये था पूरा मामला
बता दें कि अकाली और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में साल 2008 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित कुल 18 आरोपियों के खिलाफ अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 32 एकड़ जमीन के घोटाले के संबंध में केस दर्ज किया था। इस मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा पूर्व मंत्री चौधरी जगजीत सिंह, बलजीत सिंह, राजीव भगत, विधान सभा के पूर्व सचिव नछत्तर सिंह मावनी, किशन कुमार कौल, गुरचरण सिंह खारा, सुभाष शर्मा, जुगल किशोर शर्मा, रोहित शर्मा, संयुक्त सचिव तारा सिंह, महेश खन्ना, राजिंदर शर्मा, लक्की शर्मा, अश्वनी काले शाह व केवल किशन को आरोपी बनाया गया था। केस विजिलेंस मोहाली के थाने में दर्ज हुआ था। आरोपियों पर रीवैनशन अॉफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

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