Select Page

भगवान परशुराम सेना ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजली भेंट की ।

भगवान परशुराम सेना ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजली भेंट की ।

रुपिंदर । होशियारपुर। श्री भगवान परशुराम सेना द्वारा कारगिल विजय दिवस पर शहीद जांबाज़ों श्रद्धांजलि भेंट कर शहीदों की गाथाओं को बताकर कमेटी बाज़ार, टाऊन हाल में जि़लाध्यक्ष आशुतोष की अध्यक्षता में मनाया गया। उपस्थित गनमाण्य व्यक्तियों ने शहीद बलविन्द्र सिंह निवासी गांव पिपलांवाला सहित 13 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर भारतमाता की जय! वन्दे मातरम! भगवान परशुराम की जय! के नारे लगाकर विजय दिवस मनाया। श्री आशुतोष शर्मा ने बताया कि कारगिल युद्ध में शहीद हुये 527 भारतीय जांबाज़ों में से अकेले होशियारपुर जि़ले के 13 जांबाज़ों ने दी थी अपनी जान की कुर्बानी। श्री शर्मा ने बताया कि कारगिल युद्ध 3 मई, 1999 को शुरू होकर 26 जुलाई, 1999 को समाप्त हुआ। पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना ने बेमिसाल पराजय कर भारत की सीमाओं से बाहर का रास्ता दिखाया। उपस्थित शिवसैना हिन्दुस्तान के जि़लाध्यक्ष रजिन्द्र राणा एवं ब्राह्मण कल्याण परिषद् के पंजाब प्रधान के.सी.शर्मा ने बताया कि होशियारपुर जि़ले की धरती न केवल साधु-सन्तों और ऋषि-मुनियों की धरती है बल्कि यह सैनिकों की भी भूमि है जो अपनी वीरता एवं बलिदान के लिए विख्यात है। भूतपूर्व सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वालों में देश के सर्वाधिक सैनिक होशियारपुर जि़ले से हैं। 35 नम्बर वार्ड के कांग्रेसी नेता सुरिन्द्र कुमार बीटन ने का कि चाहे आज़ादी से पहले प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध हो या 1947 आज़ादी के बाद 1962 भारत-चीन युद्ध, 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971-72 भारत-पकिस्तान युद्ध के इलावा आप्रेशन रक्षक, आप्रेशन पवन, आप्रेशन मेघदूत, आप्रेशन अरचिड, आप्रेशन बोकारो सिटी, आप्रेशन विजय में जि़ले के सैनिकों ने न केवल वीरता पुरस्कार हासिल किये बल्कि सैंकड़ों ने शहादत का जाम पीकर होशियारपुर का नाम पूरे विश्व में ऊँचा किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनसमूह ने वक्त आने पर देश पर मर मिटने का संकल्प लिया और पंजाब को नशा मुक्त बनाने का भी संकल्प लिया। जि़लाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने केन्द्र एवं राज्य सरकार से अपील की कि शहीदों के परिजनों के साथ किये हुये वायदों को न भूले सरकार। कहीं न कहीं सरकारों द्वारा शहीदों के लिए बड़े-बड़े मंचो से बड़े बड़े ऐलान हो जाते हैं जो केवल उन मंचो तक ही सीमित होकर रह जाते हैं। न तो शहीदों के परिवारों को प्रशासन द्वारा किसी भी प्रोग्रामों में आमंत्रित किया जाता है और कहीं न कहीं शहीदों के परिवार सुविधाओं केे लिए वंचित रह जाते हैं। श्री शर्मा ने मौजूदा सरकारों से मांग की कि शहीदों के परिवारों से मिल उन्हें पूर्णत: सम्मान प्रदान किया जाये और किए गए वायदे भी पूरे किये जायें। इस अवसर पर विजय ठाकुर कार्यकारिणी अध्यक्ष शिवसैना बाल ठाकरे, हिन्दू संघ के सलाहकार पंकज बेदी, सनातन धर्म महावीर दल के जि़लाध्यक्ष अमृत लाल अग्निहोत्री, युवा परिवार के पवन कुमार, संदीप कुमार, अरूण गुज्जर, कमल कम्बी, रोहित रावल, राजीव शर्मा, विश्वामित्र पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

About The Author

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *