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सतगुरु गुरसिख को जो देता है उसमें रहकर शुक्राना करता है: महात्मा सोखी

सतगुरु गुरसिख को जो देता है उसमें रहकर शुक्राना करता है: महात्मा सोखी
जनगाथा/ होशियारपुर, सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन असलामाबाद होशियारपुर में मुखी बहन सुभदरा देवी के नेतृत्व में संत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर तलवाड़ा के संयोजक महात्मा सुरिंदर सिंह सोखी जोनल प्रचार टूर के अनुसार अपने अन्य प्रचारक महात्मा भाई यशपाल जी व बहन चरणजीत कौर के साथ विशेष तौर सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज का आर्शीवाद देने पहुंचे। उन्होंने अपने वचनों में फरमाया कि एक मानव जीवन को ज्ञान की रोशनी से सुंदर बनाया जा सकता है। यह ब्रह्मज्ञान केवल इंसानी योनि में आए हुए जीवों को ही मिलता है, जिससे परमात्मा के दर्शन संभव हो पाते है। किसी अन्य योनि को यह ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती। इस ज्ञान से इंसान को जीवन जीने की कला मिलती है, जिसमें वह सच में इंसान कहलाने का हकदार बनता है। ज्ञान के बाद अपने तन, मन और धन ज्ञान के अनुसार समर्पित करना होता है। गुरु के वचनों पर बिना शंका से इतबार करना गुरसिख का धर्म होता है। गुरसिख कभी भी ज्ञान से हटकर नहीं चलता। सतगुरु इस निराकार प्रभु का साकार रूप होता है। गुरसिख कभी भी दो नाव में पैर  नहीं रखता। दो नावों में पैर रखने वाला हमेशा डूबता है। प्रभु की भक्ति बिना शर्त से होती है। सतगुरु गुरसिख को जो देता है उसमें रहकर शुक्राना करता है। इंसान की इच्छाए ही इंसान को बार बार जन्म व मरण का कारण बनती है। सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज आज पूरी मानवता को जीवन जीने की कला सिखा रहे है। दुनिया के कोने कोने में यह आवाज पहुंचाई जा रही है कि परमात्मा को जाना जा सकता है और इसके जानने से ही इस मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुखी बहन सुभदरा देवी जी की तरफ से शिक्षक देविंदर बोहरा बोबी जी ने संयोजक महात्मा सुरिंदर सिंह सोखी जी का धन्यवाद किया। इस दौरान राकेश कुमार ने मंच सचिव की भूमिका अदा की। इस अवसर पर  निर्मल दास, बख्शी सिंह, कैप्टन हरी राम, गिरधारी लाल, राकेश कुमार, पंकज कुमार,अमृत, बहन सुशील जी,सिमरत आदि सहित भारी संख्या में संगत उपसिथत थे।

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