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पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला,नशा तस्करों को फांसी की सजा का प्रस्ताव पास

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला,नशा तस्करों को फांसी की सजा का प्रस्ताव पास

जनगाथा / चंडीगढ़  : चंडीगढ़ के पंजाब सिविल सचिवालय में पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। यह बैठक मुख्य तौर से पंजाब में बढ़ रहे नशे के मुद्दे को लेकर रखी गई है।
इस मौके पर पंजाब कैबिनेट ने नशा तस्करों को फांसी की सजा का प्रस्ताव पास किया है।इस बैठक में पंजाब पुलिस के कई मुख्य अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के बाद पैजाब कैबिनेटमंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा- ड्रग्स तस्करों के खिलाफ हमरी सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।  उल्लेखनीय है कि  पंजाब विधानसभा चुनावों दौरान नशा एक बड़ा मुद्दा रहा था, जिसको कांग्रेस पार्टी ने अपनी रैलियों व नुक्कड़ मीटिंगों में पूरी तरह कैश किया व सरकार बनने पर इसको पंजाब भर में से समाप्त करने का वायदा किया था। जैसे ही कांग्रेस ने पंजाब में सरकार की कमान सम्भाली तो पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने पंजाब पुलिस को प्रदेश भर में से नशा समाप्त करने की मुहिम छेडऩे के निर्देश जारी कर दिए।  पर पिछले कुछ दिनों से नशे के कारण हो रही नौजवानों की मौतों को लेकर यह अहम फैसला लिया गया है।

नशे के  कारण बढ़ता जा रहा है क्राइम का ग्राफ

पंजाब में पिछले कुछ वर्षों से क्राइम का ग्राफ भी ऊपर ही रहा है, जिसके पीछे भी मुख्य नशे ही हैं। अगर पंजाब में रहने वाले नौजवानों की सर्वे रिपोर्ट देखें तो हाई प्रोफाइल नशा करने वाले औसतन 1,400 रुपए का एक नशा कर लेते हैं। वहीं लोअर क्लास में नशा करने के आदी लोग औसतन 340 रुपए रोजाना का नशा करते हैं जबकि मैडीकल नशों की भी लोग औसतन 200 से ऊपर रोज नशों की पूर्ति के लिए ये लोग क्राइम की दुनिया में कदम रखते हैं, जिसके बाद उक्त बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं।

खाली पड़ी सरकारी बिल्डिंगें बनीं नशेडिय़ों के लिए मददगार
गौरतलब है कि जिले के बहुत सारे सरकारी क्वार्टर, ऐतिहासिक बिल्डिंगें व अन्य कई स्थान खाली पड़े हैं जहां नौजवान नशे की पूर्ति करने के लिए इनका प्रयोग कर रहे हैं।

अधिकतर नशा पूरा करने के लिए हो रही हैं लूट की वारदातें
लूट की वारदातों में अधिकतर नशा पूर्ति के लिए जिनमें लुटेरे नशा खरीदने के लिए भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते हैं व थोड़ी-सी कीमत पर लूट का माल बेचकर नशा खरीद रहे हैं। ये खुलासे कई बार पुलिस के सामने हो चुके हैं लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस इसको गंभीरता से न लेकर गिरफ्तार लुटेरे को ज्यूडीशियल रिमांड पर भेज देती है जबकि लुटेरों के साथ लूट के माल का सौदा करने वाले आज भी बाहर घूमते हैं।

नौजवानों में बढ़ रही मैडीकल नशों की लत
बीमार व्यक्तियों को जिंदगी देने के लिए बनी अंग्रेजी दवाइयों का प्रयोग आज का नौजवान गलत रास्ते पर जाकर नशे की पूॢत करने के लिए कर रहा है। सरकार या ड्रग विभाग जितने मर्जी दावे नशों को रोकने के करते रहें लेकिन यह नामुराद नशों की दलदल खत्म होनी असंभव हो चुकी है। ड्रग विभाग शहरों, कस्बों आदि की चैकिंग तो करता है लेकिन दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग के कर्मचारी पहुंच नहीं करते व इन क्षेत्रों में दवाइयां बेचने वाले लालची किस्म के दुकानदार नौजवानों को नुक्सानदायक दवाइयां देकर मोटी कमाई कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि बिना डाक्टर की पर्ची से ऐसी दवाइयां देने वाले दवाई विक्रेताओं व ड्रग विभाग कार्रवाई क्यों नहीं करता। दिन-प्रतिदिन मैडीकल नशों की बढ़ रही लत ने गांवों के लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

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