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सोने का सही वजन भी नहीं जांच सके थे बैंक अधिकारी, 40 ग्राम सोना उड़ गया

राजेन्द्र मैडी । जनगाथा । होशियारपुर । भारतीय स्टेट बैंक बुल्लोवाल ब्रांच में हुए करोड़ों रुपए गोल्ड लोन घोटाले में बैंक अधिकारियों की भूमिका को हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है। घोटाले का खुलासा करने वाले आरटीआइ एवेयरनैस फोर्म पंजाब के चेयरमैन राजीव विशिष्ट ने इस करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी से एक और पर्दा उठा दिया कि कैसे होशियारपुर के पुरहीरां गांव वासी मनजीत सिंह शहर की सभी बैंकों को छोड़ कर 30 किलोमीटर दूर जा के बुल्लोवाल ब्रांच में लोन लेना और उक्त शख्स के लोन लेते समय गिरवी रखे सोने का भार भी 40 ग्राम कम हो गया। जिससे यह लग रहा कि बैंक अधिकारियों को भले ही सोने की परख न करने आती हो परन्तु लोन लेते समय बैंक में रखे जा रहे सोने के भार का आसानी से पता चल गया होगा फिर भी इस हालात में कैसे इस केस में हुई जांच उपरांत सोने का भार 40 ग्राम कम हो गया ।
137 ग्राम सोना कम हो के रह गया 97 ग्राम
राजीव विशिष्ट ने इस मामले से एक और पर्दा उठाते हुए बताया कि मनजीत सिंह वासी पुरहीरां 9 दिसंबर 2016 को बुल्लोवाल ब्रांच में जाता है वहां 137.31 ग्राम सोना पेश करके लोन की मांग करता है इस उपरांत बैंक मैनेजर द्वारा सुनियारे जतिंदर कुमार को बुलाया जाता है जो सोने की कीमत निकालता है और बैंक द्वारा मनजीत सिंह को 2 लाख 42 हजार रुपए की लोन लिमट बना दी जाती है मौजूदा समय उक्त कर्जदार के सिर 2 लाख 66 हजार 952 रुपए का लोन खड़ा है । घोटाले का पर्दाफाश होने बाद जैसे ही बैंक द्वारा जांच शुरु की गई तो विनोद ज्यूलर•ा होशियारपुर से 224 शक्की मामलों का सोने की जांच करवाई गई तो यह तथ्य सामने आता है कि विनोद ज्यूलर•ा रिपोर्ट करता है कि जिस मनजीत सिंह ने 137 ग्राम सोना बैंक में रखा गया था उसके सोने का वजन मात्र 97 ग्राम रह गया है। इस मामले में 40 ग्राम सोना उड़ गया । इससे पता चलता है ्िक कैसे बैंक अधिकारियों ने लोन करते समय लाहपरवाही वरती । यह एक जांच विषय है । फिलहाल इस मामले के बारे में राजीव ने पीएमओ , वित्त मंत्रालय आदि को लिखित शिकायत दी है और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में कई चेहरे बेनकाब होंगे ।
बैंक घोटाला 5 करोड़ 9 लाख 11 हजार तक पहुंची ।
इस घोटाले में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही वैसे वैसे घोटाले की रकम में बढ़ावा हो रहा है पहले इस घोटाले को 4 करोड़ 65 लाख रुपए माना जा रहा था लेकिन अब यह घोटाला 5 करोड़ 13 लाख रुपए तक पहुंच गया है उधर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए फाइनांसर सुखविंदर सन्नी से पूछताछ करने के बाद पता चला है कि सुनियारे जतिंदर द्वारा हर केस के बदले उसको 3 हजार रुपए बतौर कमिशन भी देता था ।
पुलिस ने फाइनांसर सुखविंदर को अदालत में पेश करके तीन दिन का पुलिस रिमांड ले लिया ।

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