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जीवन में सहजता का अर्थ है स्वयं को संसार के हर उतार चढ़ाव में स्थिर व दृढ़ बनाए रखना- बहन कांता जी

जीवन में सहजता का अर्थ है स्वयं को संसार के हर उतार चढ़ाव में स्थिर व दृढ़ बनाए रखना- बहन कांता जी

जनगाथा ,होशियारपुर, सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन असलामाबाद होशियारपुर में संत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बहन कांता जी आगरा से विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि जीवन में सहजता का अर्थ है स्वयं को संसार के हर उतार चढ़ाव में स्थिर व दृढ़ बनाए रखना। केवल यहीं नहीं,सहजता स्वयं को उन कभी कारणों से ऊपर उठाना है जो मानव को मानव से अलग करते है। सहज भाव में स्थित व्यक्ति कभी कि किसी से धर्म, जाति, भाषा, संस्कृति, वर्ग अथवा राष्ट्र के आधार पर भेदभाव नहीं करता।  वह सभी को अपने परिवार के सदस्य की तरह सम्मान देता है लेकिन यह भावना तभी आती है जब वह मन तथा कर्म में प्रभुु को शामिल कर लेते है। उन्होंने कहा कि ऐसा भाव ऐसा जीवन केवल और केवल पूर्ण सतगुरु की शरण में जाकर इस निरंकार की जानकारी करके ही हो सकता है। जब इंसान इस निरंकार प्रभु की जानकारी हासिल कर लेता है उसके बाद उसके मन में से वैर, विरोध, ईष्र्या के भाव अपने आप समाप्त हो जाते है तथा इंसान सभी से प्यार, विनर्मता व सहनशीलता से अपना जीवन व्यतीत करता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु इस संसार में मानवता के भलाई का व एकत्व के भााव लेकर आता है। अंत में मुखी माता सुभदरा देवी जी ने आए हुुए बहन कांता जी का धन्यवाद किया। इस मौके पर बहन पूूजा जी आगरा, अशोक, संचालक बाल किशन, बख्शी सिंह, निर्मल दास, पंकज कुमार, जसवीर सिंह, योगराज जी, बहन सुशील जी, बहन सिमरत, विपन कुमार, अमृत कुमार आदि उपस्थित थे।

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