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स्वदेशी के प्रथम शहीद बाबू गेनू का बलिदान दिवस स्वदेशी आन्दोलन के लिए प्रेरणादायक

स्वदेशी के प्रथम शहीद बाबू गेनू का बलिदान दिवस स्वदेशी आन्दोलन के लिए प्रेरणादायक

जनगाथा। होशियारपुर। जनस्वदेशी जागरण मंच, होशियारपुर इकाई ने स्वदेशी आन्दोलन के प्रथम शहीद बाबू गेनू सईद का बलिदान दिवस उनको श्रद्धांजलि देकर संघ कार्यलय, होशियारपुर में श्री एस के दत्ता, जिला संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, होशियारपुर की अध्यक्ष्ता में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर कृष्ण शर्मा राष्ट्रीय संघर्ष वाहिनी सह प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित हुए।  कृष्ण शर्मा जीे ने अपने वक्तवय में बताया कि गेनू जी का जन्म पूने के पडवल गांव में 1908 को हुआ था व सन 1930 में उन्होने स्वदेशी की रक्षा करते हुए शहीदी प्राप्त की। बाबू गेनू जी का स्वदेशी के आन्दोलन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है व मुम्बई में जब उन्होने 1930 में विदेशी माल से भरी लारी को रोकने के लिए उसके आगे लेट गए तो एक अंग्रेज अधिकारी ने ट्रक चलाकर उनके सिर को कुचल दिया और बाबू गेनू जी ने उसी वक्त प्राण त्याग दिए। बाबू गेनू जी की शहादत स्वदेशी आन्दोलन के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उपस्थित गणमान्यों ने स्वदेशी के पहले शहीद गेनू जी को ज्योति प्रजवलित करके श्रद्धांजलि दी व अपने श्रद्धा सुमन भेंट करते हुए स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अशोक चोपड.ा, संजीव सूद, रविन्दर अग्रवाल, विनय कुमार, अशवनी जैन, भुपिन्दर सिंह, कार्तिक शर्मा व अजय गुप्ता उपस्थित थे।

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