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लावारिस पशुओं को मारना और उनपर जुल्म करना मानवता नहीं है: अश्विनी गैंद

लावारिस पशुओं को मारना और उनपर जुल्म करना मानवता नहीं है: अश्विनी गैंद

जनगाथा /होशियारपुर । गांव अज्जोवाल में नहर में गिरी एक गाय को गांव निवासियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल कर नई सोच के संस्थापक अध्यक्ष अश्विनी गैंद ने उसका उपचार करवाने उपरांत उसे गांव फलाही स्थित कैटल पाउंड में पहुंचाया। इस संबंधी जानकारी देे हुए अश्विनी गैंद ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक गाय अज्जोवाल के समीप नहर में गिरी हुई है तथा बाहर निकलने में असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना मिलते ही वह अपने साथियों सहित नहर पर पहुंच गए। इस दौरान गांव निवासियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद गाय को बाहर निकाली जा सका। श्री गैंद ने बताया कि गाय को उपचार हेतु पशु चिकित्सालय रेलवे मंडी लाया गया। जहां से उपचार उपरांत उसे कैटल पाउंड गांव फलाही पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि लोग लावारिस पशुओं से फसल को बचाने हेतु पशुओं को नहर आदि में धकेल देते हैं या फिर पशु को इतना मारते हैं कि वह डर के चलते खेतों में वापस लौट कर न आए, जोकि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बेजुबान पर जुल्प करना मानवता नहीं है। श्री गैंद ने कहा कि यह सच है कि लावारिस पशुओं के कारण कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही हैं, मगर पशुओं का मारना किसी समस्या का हल नहीं होता, बल्कि इसका हल हम सभी को मिलकर करना है। एक तरफ जहां सरकार द्वारा कैटल पाउंड बनाकर लावारिस पशुओं को रखने का स्थान बनाया गया है वहीं अब हमारा यह फर्ज बनता है कि हम लावारिस पशुओं को वहां पहुंचाएं और इस कार्य में सभी नई सोच द्वारा छेड़ी गई मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं। सभी के सहयोग से यह समस्या महीनों में नहीं बल्कि दिनों में हल हो सकती है। इस दौरान उन्होंने गाय को नहर से निकालने में कड़ी मेहनत करने वाले अमिताभ, अश्विीन शर्मा, सुरिंदर सिंह, शिवम कुमार, हरीश कुमार, गगनदीप, अवतार तथा धर्मप्रीत आदि का धन्यवाद किया कि उन्होंने एक बेजुबान को बचाने में सहयोग किया।

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