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प्रभु परमात्मा की जानकारी के बाद प्यार, विनर्मता की भावना अपने आप पैदा हो जाती है : बहन गुरवचन कौर । 

प्रभु परमात्मा की जानकारी के बाद प्यार, विनर्मता की भावना अपने आप पैदा हो जाती है : बहन गुरवचन कौर । 
जनगाथा ,होशियारपुर/ सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन असलामाबाद होशियारपुर में विशेष संत समागम का आयोजन किया गया। जिसमें केन्द्रीय प्रचारक बहन गुरवचन कौर जी चंडीगढ़ वालों ने सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की शिक्षाओं को दोहराते हुए प्रवचन करते हुए कहा कि इस संसार में परमात्मा ने इंसान को प्रभु परमात्मा की जानकारी के लिए भेजा है, जो सिर्फ पूर्ण सतगुरु की शरण में जाकर ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब इंसान पूर्ण सतगुरु की शरण में जाकर प्रभु परमात्मा की जानकारी कर लेता है तो उसको सारा संसार अपना लग जाता है। इंसान के मन में प्यार, विनर्मता वाले भावना अपने आप ही प्रकट हो जाती है। इंसान जितनी मर्जी उपलब्धियां हासिल कर लो, जितनी मर्जी माया एकत्रित कर ले, जितना समय उसके मन में प्यार नहीं तो उसकी जीवन में शांति व आनंद प्राप्त नहीं कर सकता। सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज यहीं संदेश दे रहे है कि एक दूसरे से प्यार, विनर्मता के साथ जीवन जीना चाहिए। गुरसिख हमेशा ही सतगुरु के आदेशों व दिशा निर्देशों को अपने जीवन में लागू करते हुए अपना जीवन व्यतीत करता है तथा लोग सुखी व परलोक सुहेला कर लेता है। उन्होंने कहा कि सेवा, सिमरन व सत्संग गुरसिख के जीवन का अंग होता है, जिस तरह इंसान का एक भी अंग सही तरह से काम ना करे तो इंसान सुखी नहीं होता, इसी तरह गुरसिख के जीवन में सेवा, सिमरन व सत्संग में से एक भी चीज कम हो जाए या ना मिले तो गुरसिख अपने आप को अधूरा महसूस करता है। अंत में मुखी माता सुभदरा देवी जी ने आए हुए बहन गुरवचन कौर व आई हुई संगतों का धन्यवाद किया। मंच संचालन की भूमिका अमृत जी ने अदा की। इस मौके पर संचालक बाल किशन, शिक्षक देविंदर बोहरा, निर्मल दास, सुखदेव जी, कैप्टन हरी राम आदि उपस्थित थे।

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