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निरंकारी सद्गुरु माता जी द्वारा 70वें वार्षिक संत समागम की तैयारियों का शुभारम्भ

निरंकारी सद्गुरु माता जी द्वारा 70वें वार्षिक संत समागम की तैयारियों का शुभारम्भ

मनप्रीत  मन्ना / जनगाथा / होशियारपुर /  निरंकारी सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज द्वारा आज 70वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियों का शुभारम्भ बुराड़ी रोड, दिल्ली स्थित निरंकारी सरोवर के सामने फैले विस्तृत मैदान में किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए चंड़ीगढ़ के संजोयक श्री नवनीत पाठक जी ने बताया कि यह समागम यहाँ 18, 19 व 20 नवम्बर को आयोजित किया जा रहा है जिसमें देश व दूर देशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों के भाग लेने की आशा है। इस वर्ष समागम का मुख्य विषय रहेगा ’’निराकार – सहज जीवन का आधार।’’ लगभग 400 एकड़ भूमि पर फैले समागम-स्थल पर सत्संग पंडाल के अलावा श्रद्धालु भक्तों के ठहरने तथा भोजन इत्यादि का प्रबन्ध भी किया जाएगा। जहाँ पानी, बिजली तथा सिवरेज जैसी सुविधाओं का व्यापक प्रबन्ध किया जाएगा वहीं सभी के लिए लंगर, कैन्टीन तथा डिस्पैंसरी इत्यादि भी सभी मैदानों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सेवा के लिए लगभग 3,000 सेवादल सदस्य समागम स्थल पर पहुँच चुके हैं। इनके अलावा दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों से 4 से 5 हज़ार तक श्रद्धालु भक्त हर रोज बदल-बदल कर सेवा करेंगे जो प्रातः6.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक चलेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम के पश्चात् सद्गुरु माता जी ने सत्संग पंडाल की ओर प्रस्थान किया जहाँ पर सेवादल सदस्य उनके आशीर्वादों के लिये एकत्रित थे। पूज्य वी.डी. नागपाल जी, महासचिव संत निरंकारी मण्डल तथा मेम्बर इंचार्ज, सेवादल, ने सद्गुरु माता जी का धन्यवाद किया जिन्होंने सेवादल को समागम में आने वाले श्रद्धालु भक्तों की सेवा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने सद्गुरु माता जी से प्रत्येक सेवादार के लिये आशीर्वादों की कामना की ताकि वे अपनी सेवा से सद्गुरु तथा साध संगत के आशीर्वादों के पात्र बन सकें।
साध संगत को सम्बोधित करते हुए सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने कहा कि समागम मैदानों में सेवा आज से प्रारंभ हो चुकी है और सभी ने अपने अधिकारी के आदेशों के अनुसार सेवा को निभाना है। सद्गुरु माता जी ने कहा कि प्रत्येक सेवादार की अपनी भूमिका तथा महत्ता है जैसे किसी वाहन में प्रत्येक पुर्जें की। सभी मिलकर कठिन से कठिन कार्य को भी कर सकते हैं।
सद्गुरु माता जी ने आगे कहा कि दिल्ली में रहने वाले श्रद्धालु भक्तों की विशेष जिम्मेदारी है क्योंकि वे ही सभी का स्वागत करेंगे। बाहर से आने वाले सभी श्रद्धालु भक्त हमारे विशेष अतिथि हैं। प्रत्येक में हमें इस निरंकार को देखना है ताकि हम उनकी सेवा इस प्रकार कर पायें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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