Select Page

ये हैं भारत की सबसे उम्रदराज योगा टीचर, 98 की उम्र में भी है इतनी स्वस्थ्य

ये हैं भारत की सबसे उम्रदराज योगा टीचर, 98 की उम्र में भी है इतनी स्वस्थ्य

जनगाथा / नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद से पूरी दुनिया में योग दिवस मनाया जाने लगा। भारत के प्रयासों के बाद योग को व‍िश्‍वस्‍तर पर पहचान मिली और पूरी दुनिया ने 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया।

आपको बता दें कि योगा भारत मे सदियों से किया जा रहा है और विश्व में योग का प्रचार-प्रसार करने में बाबा रामदेव ने भी मुख्य भूमिका निभाई है। लेकिन शायद उन्हें भी नहीं पता होगा कि कोयम्बटूर में एक 98 साल की दादी अम्मा उन्हें योग में मात दे सकती हैं।

वी नानाम्मल एक अद्भुत और उत्साही योगप्रेमी हैं, वे इस उम्र में भी रोज योगाभ्यास करती हैं, जैसी कि अपने बचपन के दिनों में करती थीं। उनकी दिनचर्या और अच्छा स्वास्थ्य आज के नौजवान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। शायद वे देश की सबसे बुजुर्ग महिला योग प्रशिक्षक हैं।

पहले वे अपने ही घर में कुछ लोगो को ही योगा सिखाती थी। इसके बाद उन्होंने एक प्रतियाेगिता में हिस्सा लिया और इस प्रतियाेगिता से उन्हें एक अलग पहचान मिली। अब तक नानाम्मल 100 से जयादा प्रतियागिताओ में भाग ले चुकी है। आज तो स्थिति यह है कि नानाम्मल का नाम अपने आप में योग की विरासत बन गया है।

बता दें कि उन्होंने योग कभी भी आय का जरिया नहीं बनाया और दुनिया भर में कई योग महासंघों से ऑफर को भी ठुकरा दिया। हाल ही में उनका नाम गिनीज रिकॉर्ड में शामिल करने की कोशिश भी हुई, लेकिन नानाम्मल इन सब चकाचौंध से दूर रहना चाहती है।

नानाम्मल ने योग का अभ्यास आठ वर्ष की आयु में ही शुरू कर दिया था, उन्होंने अपने पिता से योग सीखा, जो एक मार्शल आर्ट के फेमस जानकार थे।  उनके पति को भी गांव वाले एक सिद्ध पुरुष मानते थे, जो साथ ही जीवन यापन के लिए कृषि का काम भी करते थे। नानाम्मल ने शादी के बाद प्राकृतिक चिकित्सा की ओर भी ध्यान केन्द्रित किया। अपने पूरे जीवन में उन्होंने योग का अभ्यास कभी नहीं रोका और यही उनके अच्छे स्वास्थ्य का रहस्य है।

About The Author

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *