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डा. बग्गा ने अपनी सेवानिवृत्ति पर निजीकरण-समस्याओं का हल नहीं विषय पर सैमीनार आयोजित किया

डा. बग्गा ने अपनी सेवानिवृत्ति पर निजीकरण-समस्याओं का हल नहीं विषय पर सैमीनार आयोजित किया

जनगाथा / होशियारपुर  । नवांशहर के सिविल सर्जन एवं होशियारपुर शहर के प्रतिष्ठित शख्शियत डा. अजय बग्गा ने अपनी सेवानिवृत्ति पर डी.ए.वी. कालेज निजीकरण-समस्याओं का हल नहीं विषय पर सैमीनार आयोजित किया। सैमीनार की अध्यक्षता पूर्व सिविल सर्जन एवं प्रदेश अध्यक्ष पी.सी.एम.एस., एसोसिएशन डा. एम.एस. रंधावा (एम.डी.) ने की, जबकि राज्य सभा सांसद के.टी.एस. तुलसी (पूर्व एडीशनल सोलिसीटर जनरल ऑफ इंडिया) मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित हुए।
डी.ए.वी. कालेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान डा. अनूप कुमार ने मेहमानों का स्वागत करते हुए सैमीनार के आयोजन संबंधी जानकारी दी।
इस अवसर पर सांसद के.टी.एस. तुलसी ने सैमीनार को संबोधित करते हुए कहा कि निजीकरण किसी भी समस्या का हल नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालतों में तथा पुलिस थानों में सालों से केस लंबित पड़े हैं तो क्या उनका भी निजीकरण कर दिया जाए। शिक्षा और सेहत के क्षेत्र में बढ़ता निजीकरण मानवता विरोधी है तथा हिन्दोस्तान में जो पैसा शिक्षा व सेहत पर खर्च किया जाना चाहिए उसका आधा भी नहीं लग रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 80 प्रतिशत पैसा निजीकरण व 20 प्रतिशत सरकारी संस्थाओं में पहुंच रहा है, जबकि ये उल्ट होना चाहिए। मगर सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के चलते ये सब संभव होना असंभव प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब घरों के बच्चे जिनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है औज महंगी शिक्षा के चलते अपने इस अधिकार से वंचित रह रहे हैं। आर्थिक तौर से पिछड़े घरों के बच्चे इंजीनियर या डाक्टर न बनकर मात्र क्लर्क या दिहाड़ीदार ही बनकर रहने को मजबूर हैं। सरकार ने अपने सराकीर मैडीकल कालेजों में फीस 25-30 लाख रुपये कर दी है तो ऐसे में गरीब कहां जाए। जिन विकसित देशों को देखकर हम अपने सिस्टम को बदलने का प्रयास कर रहे हैं उनमें जैसा कि अमेरिका, इंगलैंड तथा प्रांस आदि में शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे अधिक खर्च किया जाता है, जबकि हमारे यहां पलानिंग बोर्ड की सिफारिश के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य पर पर्याप्त बजट रखा जाना जरुरी नहीं समझा जाता। मौजूदा समय में सरकारी तंत्र को और मजबूत करने की जरुरत है ताकि लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ ले सकें और आजाद भारत में पूर्ण रुप से तनावरहित जिंदगी व्यतीत कर सकें।
इस मौके पर डा. एम.एस. रंधावा ने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय व्सवस्था पूरी तरह से चरमर्रा चुकी है। आम आदमी जोकि कड़ी मेहनत करके घर चलाता है तथा अपने बच्चों का पालन पोषण करता है के लिए रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था करना सरकार का काम है। परन्तु सरकार ऐसा करने की बजाए निजीकरण को बढ़ावा देकर नागरिकों से उनका ये अधिकार छीन रही है। उन्होंने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने की बजाए सरकार को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह पूरी ईमानदारी से करते हुए सरकारी व्यवस्थाओं को लागू करे तथा सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की कमी को पूरा करने के साथ-साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य को प्रत्येक नागरिक की पहुंच में बनाने का प्रयास करे।
इस अवसर पर डा. अजय बग्गा ने सभी मेहमानों का धन्यवाद करते हुए बताया कि सांसद तुलसी होशियारपुर से संबंधित हैं तथा ये उनकी जन्मस्थली है। इसलिए उन्होंने उनसे मांग की थी कि वे अपनी जन्मभूमि के ऋण को उतारने के लिए यहां के विकास हेतु कुछ कदम उठाएं। इस पर श्री तुलसी ने डी.ए.वी. कालेज में 5 वर्षिय लॉ कालेज खोलने, सरकारी अस्पताल को ए.सी. एम्बुलैंस देने, लाबोरेटरी में उपकरणों की कमी को पूरा करने तथा होशियारपुर में आडीटोरियम बनाने के लिए ग्रांट जारी करने की घोषणा की। जिसके लिए श्री बग्गा ने विशेष तौर से उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोजकों की तरफ से मुख्यवक्ता एवं अन्य मेहमानों को सम्मानित भी किया गया।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, विधायक सुन्दर शाम अरोड़ा, पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद, विधायक पवन आदिया, मेयर शिव सूद, संजीव तलवाड़, सेठ मोहन लाल जैन, पूर्व सी.पी.एस. महिंदर कौर जोश, अंगद सिंह विधायक नवांशहर, ओम प्रकाश सैनी, डी.एल. आनंद, पूर्व सांसद कमल चौधरी, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट राकेश मरवाहा, डा. कुलदीप नंदा, रमन कपूर, एडवोकेट इंद्रपाल सिंह धन्ना, के.एस. डडवाल पूर्व एडीशनल एडवोकेट जरनल, पंजाब ई.एस.आई. राजेश शर्मा, पी.एच.एस.सी. डायरैक्टर विपन शर्मा, सिविल सर्जन डा. रेनू सूद, साहिल सांपला, सी.पी.एम. का. गुरमेज सिंह, नछत्तरपाल सिंह, समाजवादी पार्टी के बलवंत सिंह खेड़ा, राजीव वशिष्ट, हरीश सैनी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। इस मौके पर मंच संचालन अकाली नेता तेजिंदर सिंह सोढी ने किया। सैमीनार का निष्कर्श ये निकाला गया कि निजीकरण किसी भी समस्या का हल नहीं है।

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