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‘आप’ नेताओं पर टूटा पुलिसिया कहर, पानी के साथ आंसू गैस के गोले भी बरसाए

‘आप’ नेताओं पर टूटा पुलिसिया कहर, पानी के साथ आंसू गैस के गोले भी बरसाए

सुमित बहल / जनगाथा , चंडीगढ़

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का आवास घेरने जा रहे आम आदमी पार्टी के सांसद और विधायकों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले तो आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सोमवार सुबह एमएलए हॉस्टल के पास हुए इस संघर्ष में कई आप विधायकों की पगड़ियां भी उतर गईं। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार नेताओं को तीन घंटे के बाद रिहा कर दिया। आम आदमी पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चल रहे लुधियाना सिटी स्कैम केस और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह को रेत खदानों की नीलामी के मामले में क्लीनचिट दिए जाने का भी विरोध किया गया।

सोमवार सुबह जैसे ही आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैरा और लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह बैंस के नेतृत्व में आप विधायक और अन्य नेता मुख्यमंत्री आवास तक जाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें एमएलए हॉस्टल के रास्ते में ही रोक लिया।

इस दौरान पुलिस और आप नेताओं के बीच हुई धक्कामुक्की में कई विधायकों की पगड़ियां उतर गईं। आप विधायक जब बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन और फिर आंसू गैस छोड़कर विधायकों को आगे बढ़ने से रोक दिया। बाद में धारा-144 के उल्लंघन के आरोप में उन्हें बसों में बिठाकर सेक्टर-17 थाने ले जाया गया।

भ्रष्टाचार में एक-दूसरे को बचा रहे कैप्टन और बादल : भगवंत
पार्टी वर्करों को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादलों के बीच अघोषित गठजोड़ उजागर हो गया है। ये दोनों भ्रष्टाचार के मामलों में एक-दूसरे का बचाव कर रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे की सरकार बनने पर बोगस जांच आयोगों का गठन कर विभिन्न भ्रष्टाचार के केसों में क्लीनचिट हासिल करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बिक्रम मजीठिया, तोता सिंह, आदेश प्रताप कैरों आदि को क्लीनचिट दी जा चुकी है तो सूबे के खजाने को किसने लूटा।

मान ने कहा कि आप कांग्रेस को अकालियों की तरह सूबे को लूटने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि आप के नेता और वालंटियर विधानसभा के बाहर और भीतर लगातार लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। आप अध्यक्ष ने कहा कि इससे पहले प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में विधानसभा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की विधायक के रूप में सदस्यता समाप्त कर दी थी और फिर उन्हीं बादल साहब ने 4 अक्तूबर, 2016 को कैप्टन को क्लीनचिट देते हुए कैंसलेशन रिपोर्ट फाइल कर दी। इससे साफ हो जाता है कि राज्य को लूटने के लिए दोनों दलों के बीच गुप्त समझौता है।

सीबीआई को सौंपी जाए घोटाले की जांच : खैरा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने कहा कि या तो कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें या फिर लुधियाना सिटी सेंटर और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट केसों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए दोनों मामलों को सीबीआई के सुपुर्द करें। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस के वादे को पूरा करते हुए कैप्टन अमरिंदर तुरंत अपने मंत्रिमंडल से रेत घोटाले के आरोपी राणा गुरजीत सिंह को हटाएं। उन्होंने कहा कि कैप्टन के मुख्यमंत्री रहते राज्य की कोई भी एजेंसी घोटाले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती।

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