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नाटककार डा. औलख को पंजाबी साहित्य सभा दसूहा गढ़दीवाल ने दी श्रद्धांजलि

नाटककार डा. औलख को पंजाबी साहित्य सभा दसूहा गढ़दीवाल ने दी श्रद्धांजलि

जनगाथा , दसूहा।
पंजाबी नाटक में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नाटककार डा. अजमेर सिंह औलख आखिर कैंसर की बीमारी से आज सुबह जिंदगी की लड़ाई हार गए। इस खबर को सुन कर पूरे विश्व भर की पंजाबी साहित्य जगत में सन्नाटा छा गया। दसूहा में पंजाबी साहित्य सभा दसूहा-गढ़दीवाला के प्रधान कहानीकार लाल सिंह के नेतृत्व में आज एक विशेष बैठक दौरान बिछड़ी साहित्य रुह को श्रद्धांजिल भेंट की गई। इस मौके पर कहानीकार लाल सिंह ने कहा कि अजमेर सिंह औलख पंजाब के किसानी जीवन की समस्याओं को प्रगतिवादी विचारधारा के साथ पेश करने वाले पंजाबी प्रतिनिधि नाटककार थे। वह पंजाबी नाटक व रंगमंच की जान थे। प्रो. औलख एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने अपनी सारी जिंदगी दूसरों को समर्पित की। वह केवल खुद ही नहीं बल्कि उनका पूरा परिवार ही साहित्य और खास करके नाटक व रंगमंच द्वारा लोगों को जागरुक करने के लिए निरंतर कार्यशील रहा। वह जमरुही सभा पंजाब के प्रधान, देशभगत यादगारी कमेटी, पंजाबी संगीत अकादमी व केंद्रीय लेखक सभा के सरगर्म सदस्य थे। उन्होंने उम्र के आठवें दशक में भी दुनिया भर में जा कर नाटक खेले और नई पीढ़ी को पुस्तक मेलों के द्वारा साहित्य के साथ जोड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजाबी साहित्य सभा दसूहा-गढ़दीवाला इस दुख की घड़ी में प्रो. औलख के परिवार के साथ दु:ख सांझा करती है और उनके पंजाबी साहित्य में डाले गए अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखेगी। इस मौकेपर बलदेव सिंह बल्ली, सुरिंदर सिंह नेकी, मास्टर करनैल सिंह, दिलप्रीत काहलों, जसवीर सिंह, प्रिंसीपल नवतेज गढ़दीवाला, सुखदेव कौर चमर, सुखदेव सिंह, अमरजीत सिंह, जसवीर सिंह आदि सहित कई लेखक व पाठक हाजिर थे।

 

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