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खेतीबाड़ी विभाग के कानून की उडाई जा रही धज्जियां ।

खेतीबाड़ी विभाग के कानून की उडाई जा रही धज्जियां ।
खेतीबाड़ी विभाग के कानून की उडाई जा रही धज्जियां ।
संवाददाता माहिलपुर- मुग्गोवाल गांव में धान की रोपाई शुरू हो गई है। गांव के रसूखदार व्यक्ति ने माहिलपुर से मुग्गोवाल जाती सड़क के किनारे सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते लगाई धान की फसल को देखकर गांव का हर वासी हैरान है। कल खेतीबाड़ी महकमे के ऑफसर मौके पर गए जरूर पर बिना कुछ किए वापस आ गए।
क्या कहता है कानून…………
सोयल-वाटर एक्ट-2009 के अनुसार कोई भी किसान 15 मई से पहले धान की पौध तैयार नहीं कर सकता। किसी ने तैयार कर भी ली है तो उसे 15 जून से पहले खेत में प्रत्यारोपित नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले किसानों पर दस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है।
धान के पौधों को खेत में प्रत्यारोपित करने पर किसानों को दस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से जुर्माना लग सकता है। यदि किसानों ने आदेश के इतर फसल प्रत्यारोपित की तो उन पर जुर्माना लगाते हुए फसल उखड़वाई भी जा सकती है।
खेतीबाड़ी महकमे को खबर पर नही कर रहा कोई करवाई…….
हमने उस धान का पानी बन्द करवा दिया। जब इस संबंधी खेतीबाड़ी ऑफसर डॉ भूपेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सैले के पास एक किसान का लगा धान को उखड़वा दिया है। बता दे कि सैले मिल से निकलते गंदे पानी से लगा था यह धान जिसे खेतीबाड़ी अफसर ने उखड़वा दिया।
गांव में आम चर्चा है कि उक्त किसान का आढ़त का धन्धा है और ऊंची सियासी रसूख उनकी लगाई धान की फसल को बचा रहा है। लोग यह भी कह रहे है कि कानून गरीब जनता पर लागू होता है खास लोगों पर नहीं।

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