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बेटी ने कहा- पापा खाना खा लो, किसान पिता बाेला- जरूरत नहीं, मैंने सल्फास खा लिया

बेटी ने कहा- पापा खाना खा लो, किसान पिता बाेला- जरूरत नहीं, मैंने सल्फास खा लिया
JANGATHA/ सांची/भोपाल. एमपी के सांची में एक किसान ने कर्ज से तंग आकर गुरुवार रात को सल्फास खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। जब किसान शाम को अपने घर पहुंचा तो बेटी बोली- पापा खाना खा लो, यह सुनकर किसान बोला कि मुझे अब खाना खाने की जरूरत नहीं है, मैंने तो सल्फास खा लिया है।क्या है मामला…
-सगौनी गांव स्थित हिम्मतगढ़ टोला में रहने वाले एक किसान किशन ने कर्ज से तंग आकर गुरुवार रात को सल्फास खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई।
-किशन बैंक, साहूकार और बिजली कंपनी के तकादों से तंग आ गया था।
-हिम्मतगढ़ में 15 एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसान किशनसिंह मीणा पुत्र खूबराम मीणा (45) पर 10 लाख विदिशा की एचडीएफसी बैंक, 5 लाख रुपए निजी साहूकार और पौने दो लाख रुपए बिजली बिल बकाया था।
सल्फास खाकर भाई के घर चला गया किशन
-चचेरे भाई नारायणसिंह ने बताया कि गुरुवार शाम किशन ने अपने ही घर में चुपचाप सल्फास खा ली और दूसरे नंबर के भाई हिम्मतसिंह के घर चला गया।
-जब वहां उसकी हालत बिगड़ना शुरू हुई तो वह वापस अपने घर आ गया। घर आकर उसने बेटी को बताया कि उसने सल्फास खा ली है।
-इसके बाद परिजन किशनसिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां से उसे भोपाल रेफर कर दिया गया।
-भोपाल ले जाते समय रास्ते में रात 11 बजे बिलखिरिया के पास किशन ने दम तोड़ दिए।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था किशन
-सल्फास खाकर आत्महत्या करने वाला किशनसिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
-उसके बड़े भाई नवलसिंह और हिम्मतसिंह गांव में रहकर खेती करते हैं। किशनसिंह का परिवार अलग रहता था।
-उसके परिवार में पत्नी सहित चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी पिंकी (22) की शादी हो चुकी है, जबकि प्रियंका (18), दीक्षा(16) और सचिन(12) उसके साथ रहते थे।
पापा के बिना क्या होगा
-मृतक किसान किशन मीणा की बेटी प्रीति, प्रियंका, दीक्षा और बेटा सचिन का रो-रो कर बुरा हाल है।
-किसान की पत्नी लीला बाई पति के गम में बार-बार बेहोश हो रही है।
-मृतक की बेटी प्रियंका और दीक्षा रोते हुए कह रही थीं कि अब हमारा क्या होगा।
जमीन कुर्की की बात से परेशान थे पापा
-मृतक के बेटे सचिन ने बताया कि छह दिन पहले बैंक के कर्मचारी गांव आए थे।
-उन्होंने लोन की राशि जमा नहीं करने पर जमीन को कुर्क करने की बात कही थी, उसी दिन से पिताजी परेशान हो गए थे।
अभी पढ़ाई कर रहे हैं मृतक किसान के बच्चे
-मृतक किसान की बेटी प्रियंका 11 वीं, दीक्षा 8 वीं और सचिन 6 वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं।
-ये तीनों महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल सांचेत के विद्यार्थी हैं।
सिर्फ 40 बोरा निकली थी इस साल उपज
-मृतक किसान के बड़े भाई नवल सिंह मीणा ने बताया कि उसके भाई के खेत में ट्यूबवेल तो लगा है, लेकिन उसे चलाने के लिए बिजली नहीं है।
-तीन साल पहले बिजली कंपनी ने गांव से डीपी उतरवा ली थी। इसके बाद से उसके भाई को सूखी जमीन से फसल लेना पड़ रही थी। इस साल भी मात्र 40 बोरा की उपज निकली थी।
माता-पिता की समाधि के पास ही किया अंतिम संस्कार
-किसान किशन मीणा का अंतिम संस्कार उसके पिता खूबराम मीणा और मां सरस्वती बाई मीणा की समाधि स्थल के पास ही किया गया।
-किसान के 12 वर्षीय बेटे सचिन ने पिता को मुखाग्नि दी।
जांच के बाद चलेगा पता
मौत के कारणों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि किशन ने जहर क्यों खाया। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अवनीश मिश्रा, तहसीलदार रायसेन
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गमगीन परिवार।
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मृतक किसान के हैं चार बच्चे।
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मृतक किशन सिंह।
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मृतक किशन सिंह का घर।
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माता-पिता की समाधि के पास किया गया मृतक का अंतिम संस्कार।
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मृतक का खेत।
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कागजी कार्रवाई करते मृतक के परिजन।
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