सरकारी वादे हैं वादों का क्या?

    0
    52

    हमारी संसदीय व्यवस्था में निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र है. सरकार के मंत्री, सांसदों के प्रश्नों का उत्तर देते समय जो भी आश्वासन देते हैं उनका न सिर्फ ब्यौरा रखा जाता है बल्कि आश्वासन पूरा हुआ या नहीं इसको लेकर संबंधित मंत्रालय से नियमित समय पर ताकीद भी की जाती है.

    संसद में आश्वासन समिति निगरानी के लिए है. अगर कोई मंत्री आश्वासन देता है तो उसे तीन महीने के अंदर यह बताना पड़ता है कि आश्वासन पूरा हुआ या नहीं. अगर पूरा नहीं हुआ तो उसकी वजह बतानी होती है. आश्वासन पूरा करने के लिए और समय चाहिए तो मंत्रालय को यह बताना पड़ता है.

    अगर आश्वासन पूरे नहीं किए जा सकते हैं तो संबंधित मंत्रालय को यह निवेदन करना पड़ता है कि आश्वासन को वापस लिया जाए. यह सारी प्रक्रिया संसदीय कार्य मंत्रालय के जरिए होती है. आश्वासन समिति निगरानी रखती है कि दिए गए आश्वासनों की स्थिति क्या है. समिति इसको लेकर अपनी रिपोर्ट संसद में हर साल रखती है.

    लोकसभा के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि मोदी सरकार के एक दर्जन ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने सदन में आश्वासनों का भंडार तो लगा दिया लेकिन उन्हें निबटाने में फिसड्डी साबित हुए हैं. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ऐसे हैं जिनके मंत्रियों ने 100 से अधिक वादे किए लेकिन 50 फीसदी आश्वासन भी पूरे नहीं किए. हालत यह है कि लंबित आश्वासनों की संक्चया 58 फीसदी से लेकर 87 फीसदी तक है.

    संसद में दिए गए आश्वासन पूरा करने में पिछली सरकार अधिक सक्रिय थी. 15वीं लोकसभा के दौरान पांच साल में कुल 5,811 आश्वासन दिए गए थे. इन में 4,699 पूरे किए गए. 258 वापस लिए गए और 771 लंबित खाते में डाले गए जो अभी तक लंबित हैं.

    मौजूदा लोकसभा के पांचवें सत्र में दिए गए आश्वासनों में से 41.2 फीसदी, छठे सत्र में 62.2 फीसदी, सातवें सत्र में 62 फीसदी और आठवें सत्र में दिए गए आश्वासनों में से 81 फीसदी से अधिक लंबित की सूची में हैं. इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय का रिकॉर्ड सबसे बेहतर है. पीएमओ की तरफ से अभी तक सिर्फ तीन आश्वासन दिए गए हैं जिनमें एक पूरा कर दिया गया और दो आश्वासन वापस ले लिए गए.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here