भक्ति के मार्ग में अभिमान सबसे बड़ी रूकावट: महात्मा जोगा सिंह

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    जनगाथा/ गढ़दीवाला : सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन गढ़दीवाला में ब्रांच के इंचार्ज महात्मा अवतार सिंह के नेतृत्व में संत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महात्मा जोगा सिंह गढ़शंकर विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि सतगुरु के गुरसिखों का मिल बैठ कर निरंकार प्रभु की सराहना करने को सत्संग कहते है। सत्संग में आने से गुरसिख को अपनी कमीयों को पता चलता है तथा वह महापुरुषों के वचनों के अनुसार दूर करने का यत्न करता है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक इंसान सतगुरु के चरणों में जाकर ज्ञान नहीं प्राप्त कर लेता तब तक इंसान इंसानी जीवन के उद्देश्य से दूर है। जब इंसान पूर्ण सतगुरु की शरण में जाकर इस निरंकार की शरण में जाकर इस निरंकार का ज्ञान प्राप्त कर लेता है तो गुरमुख का हर पल भगती में व्यतीत होता है तथा वह स्वास स्वास परमात्मा का शुक्राना करता है। उन्होंने कहा कि भक्ति के मार्ग में अभिमान सबसे बड़ी रूकावट है। गुरमुख जैसे जैसे सतगुरु की शिक्षा को जीवन में अपनाता चला जाता है वैसे वैसे गुरसिख के जीवन में प्यार, निर्मता व सहनशीलता बढ़ती चली जाती है। गुरसिख हर इंसान  में इस एक परमात्मा का ही रूप देखता है तथा हर एक साथ प्रेम करता है इसलिए कोई वैरी व बेगाना नहीं  होता। अंत में ब्रांच के इंचार्ज महात्मा अवतार सिंह की तरफ से संचालक महात्मा सुरजीत सिंह ने भाई जोगा सिंह जी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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