बसों की स्पीड पर स्पीड गवर्नर लगाए जाने किए जाएं सुनिश्चित: गैंद

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    होशियारपुर। सडक़ हादसों को रोकने के लिए वाहनों की रतार पर लगाम लगाई जानी समय की मांग भी है और यह मानवता एवं पर्यावरण हक में भी है ताकि वाहनों के क्षतिग्रस्त होने से कुदरती साधनों की बर्बादी रोकी जा सके व मानवीय जानों को खतरा भी कम हो। इसके लिए जरुरी है कि हर वाहन में स्पीड गवर्नर लगाए जाने सुनिश्चित किए जाने चाहिए। बसों एवं ट्रकों की तेज रतारी के कारम होने वाले हादसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के लिए फौरी तौर पर बड़े वाहनों में इसे लगाया जाना लाजमी किया जाना चाहिए। उक्त बात सामाजिक संस्था ‘नई सोच’ के संस्थापक अध्यक्ष अश्विनी गैंद ने इस विषय पर आयोजित बैठक में कही। अश्विनी गैंद ने कहा कि राज्य एवं राष्ट्रीय मार्गों के अलावा लिंक सडक़ों एवं शहर के बीच से गुजरने वाली बसों की ओवर स्पीड के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं तथा इन्हें रोकने में संबंधित विभाग एवं प्रशासन लगभग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। माननीय अदालत ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने के निर्देश जारी किए थे, परन्तु अदालत के आदेशों के बावजूद बसों व अन्य बड़े वाहनों में इसे लगाया जाना जरुरी नहीं समझा जा रहा। जिसके लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह से जिमेदार है। अश्विनी गैंद ने माननीय अदालत से मांग की कि वाहनों में स्पीड गवर्नर न लगाने वाले सरकारी व प्राइवेट प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं और इस संबंधी कानून को और सत किया जाए ताकि कम से कम कानून के डर से ही सही बस मालिक व प्रबंधक अपनी जिमेदारी तो समझें। इसके अलावा अगर कोई चालक नियमों का पालन नहीं करता तथा उसकी गल्ती से कोई हादसा होता है तो उसे भी कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने का प्रावधान किया जाए व साधारण धाराओं के स्थान पर धारा 302 लगाए जाने की व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर अशोक शर्मा व अजय जैन ने अश्विनी गैंद की बात का समर्थन करते हुए जिला प्रशासन और सरकार से मांग की कि वे इस संबंधी बनती कार्रवाई के निर्देश जारी करें ताकि सडक़ पर चलने वाले लोगों की अमूल्य जिंदगियों से किए जा रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।
    फोटो:- वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने सुनिश्चित किए जाने की मांग करते अश्विनी गैंद व अन्य।

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